जोधपुर, आसाराम का पक्ष रखने के लिए कोई वकील तैयार नहीं,आसाराम की पैरवी करने वाले वकीलों में से एक वकील व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस मामले से हट गया, क्योंकि सुनवाई के दौरान आसाराम का पक्ष रखने के लिए कोई अन्य वकील तैयार नहीं था और प्रकरण महत्पूर्ण निर्णयात्मक स्थिति में पहुच रहा था , जिसके बाद अदालत ने किशोरी से जिरह स्थगित कर दी और बचाव पक्ष पर जुर्माना भी लगाया.पीडिता का परिवार आसाराम की इस प्रकार की तरकीबो से तंग आ गया हे.
शुरू से ही इस मामले में जोधपुर की एक अदालत में आसाराम का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील जगमाल चौधरी ने अपना वकालतनामा वापस ले लिया और अदालत से कहा कि अब वह आसाराम के वकील नहीं रहे।
यहां की जिला एवं सत्र अदालत में किशोरी से यौन उत्पीड़न का मामला चल रहा है जिसमें आसाराम और चार अन्य कथित रूप से संलिप्त हैं। सरकारी वकील आर एल मीना ने कहा, चौधरी के हट जाने के बाद अदालत ने अन्य से दलीलें जारी रखने को कहा कि लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया एवं वक्त मांगा जिस पर न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास को निराशा हुई और उन्होंने 5000 रुपए का जुर्माना लगाया।
न्यायाधीश व्यास ने चौधरी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को भी कहा। यहां की अन्य अदालतों में आसाराम का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य वकीलों की भी उन्होंने सहायता की थी । उनमें राम जेठमलानी एवं ओंकार सिंह लखावत भी शामिल हैं।























