
अयोध्या में हुआ ध्वजारोहण कार्यक्रम सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि विश्व भर के हिंदुओं और सभी भारत वासी लोगों के लिए गर्व और उत्साह का बड़ा क्षण बन चुका है.

राम मंदिर की चोटी पर फहरने वाला धर्म ध्वज पहली बार अपनी पूरी भव्यता के साथ सामने आया है और इसकी झलक ने माहौल को और ज़्यादा भावनात्मक बना दिया है.

केसरिया रंग में चमकता यह विशाल त्रिकोणाकार झंडा अपनी बनावट, रंग और चिन्हों के कारण लोगों का ध्यान तुरंत खींच लेता है.

इसमें उकेरा गया तेजस्वी सूर्य न सिर्फ साहस का प्रतीक है, बल्कि भगवान राम के उस तेज को भी दर्शाता है जिसने सदियों से लोगों को प्रेरित किया है.
उसी के साथ ‘ॐ’ का चिन्ह और कोविदार पेड़ की आकृति इस झंडे को और खास बनाती है.

अयोध्या के लिए ऐतिहासिक क्षण है. बीते 500 वर्षों से जिस पल की प्रतीक्षा की जा रही थी, आखिरकार वो आ ही गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिजीत मुहूर्त में राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहरा दिया है. कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत विशेष रूप से साक्षी बने.

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है. क्या मेन स्ट्रीम मीडिया, क्या सोशल मीडिया. मौजूदा वक्त में कहीं का भी रुख कर लिया जाए विश्वभर में केवल राम मंदिर और इस भव्य आयोजन को लेकर बातें हो रही हैं. वहीं जिक्र यदि देश की जनता का हो तो वो भी इस कार्यक्रम से जुड़ी हर चीज पर नजर बनाए हुए है और अत्यंत प्रसन्न हैं.
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धर्मध्वजा ; इसके उन गुणों से जो इसे अन्य ध्वजों से भिन्न करते हैं. बता दें कि अयोध्या स्थित राम मंदिर पर फहराया गया ध्वज 10 ft गुणा 20 ft का और तिकोना है, जो भगवा रंग का है. ध्वज पर सूर्य, ॐ और कोविदार के पेड़ का निशान है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने कहा है कि, ‘यह रंग आग को दिखाता है, और उगता सूरज – त्याग और समर्पण का प्रतीक है.’

धर्मध्वज से जुड़ी प्रमुख चीजें :
1- श्री राम मंदिर के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया भगवा झंडा, अपनी बनावट और डिज़ाइन में अनोखा है. यह 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है.
2- ध्वज हल्के लेकिन बहुत मज़बूत पैराशूट फैब्रिक से बना है, जो 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा झेल सकता है. ध्यान रहे कि एविएशन-ग्रेड पैराशूट नायलॉन और रेशम के धागे की तीन लेयर से बना यह ध्वज तेज़ हवाओं, बारिश और धूप को झेल सकता है.
3- झंडे पर बना चमकता हुआ सूरज भगवान राम की काबिलियत और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है। इस पर ‘ॐ’ का निशान और कोविदार पेड़ की आउटलाइन भी बनी हुई है.
4- 42 फुट केध्वज में 360 डिग्री घूमने वाला बॉल-बेयरिंग लगा है. सात कारीगरों ने इसे 25 दिनों में हाथ से बनाया है.
5- ध्वज पर तीन मुख्य निशान ॐ, सूरज और कोविदार पेड़ हैं, जो रामायण की जड़ों से जुड़े हैं और धर्म, हिम्मत और प्रकृति के बचाव का संदेश देते हैं.

क्या अर्थ है इन निशानों का सूर्य का मतलब: यह भगवान राम के सूर्यवंशी वंश को दिखाता है, जो इक्ष्वाकु वंश की शाही विरासत का प्रतीक है. ॐ का मतलब: हिंदू धर्म का मूल मंत्र, ‘ॐ’, ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा और सृष्टि का सार दिखाता है। यह पवित्र आवाज़ आध्यात्मिक जागृति, शांति और दिव्यता का प्रतीक है.
कोविदार पेड़ का मतलब: यह अनोखा और कम जाना-माना निशान वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड से लिया गया है. रामायण में, कोविदार पेड़ को अयोध्या की पुरानी शाही परंपरा का निशान माना जाता है, जहां इसे राजधानी की सीमाओं पर लगाया गया था.कोविदार वृक्ष कचनार प्रजाति का फूलों का वृक्ष है ।





















