नयी दिल्ली : भारत को झटका देते हुए इटली की एक अदालत ने 3600 करोड रुपये के वीवीआईपी हेलिकाप्टर सौदे के रद्द होने के बाद कंपनी पर लगाये गये जुर्माने के तौर पर, भारत को अगस्तावेस्टलैंड की 2360 करोड रुपये से अधिक की बैंक गारंटी को भुनाने से रोक दिया है.भारत ने इतालवी अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है.
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी और साथ ही जोर देकर कहा कि सरकार बैंक गारंटी को भुनाने के लिए सभी विकल्पों का पूरी ताकत के साथ इस्तेमाल करेगी.भारत पहले ही देश के बैंकों में जमा करायी गयी करीब 240 करोड रुपये की बैंक गारंटी को भुना चुका है लेकिन अभी उसे इटली के बैंकों में जमा करायी गयी बैंक गारंटी हासिल नहीं हुई है. मिलान में कल एक इतालवी अदालत ने अगस्तावैस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमकेनिका की भारत को 2360 करोड रुपये से अधिक की बैंक गारंटी को भुनाने से रोकने की अपील को स्वीकार कर लिया था.
एक बयान में फिनमेकानिका ने कहा, अदालत ने फिनमेकानिका ग्रुप की कंपनियों के आग्रह को विचारार्थ स्वीकार कर लिया जिसके साथ ही करार के कथित उल्लंघन के बारे में की गई शिकायतों की अस्पष्टता के चलते भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा गारंटी का साफ तौर पर अनुचित तरीके से लागू किया जाना जाहिर होता है.
बयान में कहा गया है मिलान की अदालत ने गत जनवरी में दी गई व्यवस्था की पुष्टि कर दी है जिसमंे करार के सिलसिले में जमा की गई 27.8 करोड यूरो से अधिक की राशि के भुगतान पर रोक लगायी गयी थी.भारतीय वायु सेना के लिए 12 वीवीआईपी एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए हुआ 3,600 करोड रुपये का सौदा भारत ने एक जनवरी को रद्द कर दिया था.यह सौदा आंग्ल-इतालवी कंपनी द्वारा खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की संलिप्तता और दलाली दिए जाने के आरोपों के चलते रद्द किया गया था.
इटली की अदालत ने 8 जनवरी को हुई सुनवाई में बैंक गारंटी भुनाने के भारत के प्रयास पर रोक लगा दी थी. करार रद्द किए जाने के बाद भारत ने आंग्ल-इतालवी कंपनी के साथ पंचाट में जाने का फैसला भी किया और दोनों पक्षों ने इस संबंध में अपने अपने सदस्य नामांकित किए थे.






















