मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज यूक्रेन के अंतर्गत आने वाले क्रीमियाई क्षेत्र को रूस में शामिल करने के प्रारंभिक कदम उठा लिए। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से यह यूरोप की सीमाओं का सबसे महत्वपूर्ण पुर्नरेखण होगा।
पुतिन ने आधिकारिक तौर पर संसद को बताया कि क्रीमिया ने रूस में शामिल होने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही पुतिन देश की विभिन्न संस्थाओं से कहा है कि वे क्रीमिया को देश का हिस्सा बनाने के लिए एक समझौते को मंजूरी देने के लिए जरूरी कदम उठाएं ।
कल क्रीमिया की आजादी को मान्यता देने के बाद पुतिन ने संसद के दोनों सदनों को 11 बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार) संबोधित करना था। यह मान्यता क्रीमिया को रूसी क्षेत्र का हिस्सा बनाने के प्रारंभिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
पिछले माह यूक्रेन के मास्को समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानूकोविच को हटाए जाने के बाद क्रीमिया में रूस-समर्थक सेनाओं की मौजूदगी की दुनिया भर में निंदा हुई। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कल कुछ रूसी अधिकारियों के खिलाफ शुरूआती प्रतिबंध लगा दिए।
लेकिन ये प्रतिबंध तेजी से बढ़ते निडर पुतिन को रोकने में सक्षम दिखाई नहीं देते। क्रीमिया को रूस में शामिल करने की प्रक्रिया को उचित ठहराने के लिए पुतिन ने सप्ताहांत पर इस क्षेत्र में हुए जनमत संग्रह को आधार बनाया है। इसमें लगभग 97 प्रतिशत लोगों ने यूक्रेन से अलग होकर रूस का हिस्सा बनने के पक्ष में मतदान किया था।
संसद के निचले सदन के स्पीकर सरजेई नेरीश्किन ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति अपना रूख क्रीमिया द्वारा रूस का हिस्सा बनने के लिए किए गए अनुरोध और जनमत संग्रह के फैसले के अनुरूप रखेंगे।’’
इस कदम को रूस के भीतर ही भारी समर्थन मिला है। कई हजार लोगों द्वारा पुतिन के भाषण के बाद मध्य मास्को में ‘वी आर टुगेदर’ (हम साथ-साथ हैं) नारे के साथ रैली करने की संभावना है।
रूसी मस्तिष्क में क्रीमिया ने लंबे समय से प्रभाव बनाकर रखा है। 18वीं सदी के अंत से यह प्रायद्वीप रूसी नौसेनाओं का आधार शिविर रहा है। 1954 में सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव के इसे रूस से रूपांतरित करने के बाद यह यूक्रेन का हिस्सा बन गया।






















