नई दिल्ली । कोयला घोटाले में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख के खिलाफ हुई एफआइआर के बाद एक बार फिर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर घेरा बढ़ गया है। मुख्य विपक्ष भाजपा ने जहां प्रधानमंत्री पर भी कार्रवाई की मांग की। वहीं पारेख के समर्थन में उतरे कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी परोक्ष रूप से जता दिया कि बगेर पीएमओ की मंजूरी के कुछ नहीं हो सकता , सब जानते हे कि पीएम खुद ईमानदार हे भले उन्होंने औधोगिक विकास को देख या फिर प्रभाबी लाबी के दबाब में सहमती दी हो पर देश में अव भी विश्वास हे कि मनमोहन खुद कोई गलत कम नहीं कर सकते .





















