दिल्ली। रामदेव को राजकीय अतिथि बन योग के नाम पर भाजपा का प्रचार करना महंगा पड़ गया। चुनाव आयोग ने उनसे राजकीय अतिथि का दर्जा छीनते हुए जिले के कलेक्टरों से सभाओं में दिए भाषण की रिपोर्टप्राप्त की . बालोदा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी रामदेव के योग के नाम पर राजनेतिक प्रचार करने का आरोप लगाया था , खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराइ. कई महिलाओ ने रामदेव का विरोध कर चुडिया बिंदी भी फेंकी थी . अव चुनाव आयोग ने रामदेव की सभा का वीडियो देखने के बाद ये फैसला किया है रामदेव ने अपनी सभाओं में भाजपा का प्रचार किआ था अतः छत्तीसगढ़ में रामदेव की सभाओं का खर्च बीजेपी के चुनावी खर्च में जुड़ेगा.




















