किशोरी से रेप के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम व उनके पुत्र नारायण सार्ई के खिलाफ सूरत की दो बहनों ने रेप की जो रपट लिखाई है और मजिस्ट्रेट के समक्ष जो बयान दर्ज कराया है उससे इनके आश्रमों में चल रहे गोरखधंधों की पोल खुलने लगी है । बुधवार को अहमदाबाद पुलिस ट्रांसफर वारंट लेकर आसाराम की हिरासत लेने जोधपुर पहुंची वहीं नारायण साई की धरपकड़ के लिए गुजरात के तीन आश्रमों में दबिश दी गई।
अहमदाबाद सेक्टर-1 के अपर पुलिस आयुक्त जेके भट्ट ने बताया कि गुजरात पुलिस आश्रमों में नारायण साई की तलाश कर रही है। पुलिस ने सूरत, अहमदाबाद व जूनागढ़ के आश्रम में दबिश दी, लेकिन साई के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। दुष्कर्म पीड़िताओं ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करा दिए हैं। अब आरोपियों की गिरफ्तारी तय है।
दोनों बहनों ने आसाराम व साई पर आश्रम में रहने वाली महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आश्रमों में अवांछित किस्म के लोग रहते हैं जिनके जरिये आसाराम व साई अपने अनैतिक धंधों को अंजाम देते थे।
पीड़िता ने बताया कि आश्रम में पहले ही दिन साई ने प्रसाद देने के बहाने उसका हाथ दबाया था। आश्रम के उत्पाद बनाने के लिए आश्रमों में कई लड़कियां रखी जाती हैं जिन्हें अपनी मर्जी से बाहर जाने की इजाजत नहीं होती, बिना बताए कोई अपने घर भी चली जाए तो उसके खिलाफ चोरी की शिकायत दर्ज करा देते हैं। आसाराम की पत्नी लक्ष्मी खुद लड़कियों को धमकाती व आसाराम के पास भेजा करती थी। बेटी भारती खुद कार में लड़कियों को आसाराम व नारायण साई की एकांत में बनी कुटिया तक ले जाती व वापस लाती थी। आश्रम के सेवादार, रसोइया व ड्राइवर भी इसमें मदद करते थे। साई आश्रम की कई लड़कियों को अपने साथ दूसरे शहर भी ले जाया करता था। आश्रम में महिला साधकों को गर्भ न ठहरे इसके लिए पेय पदार्थ या प्रसाद में रसायन मिला देते थे।
विधर्मी बता करते हैं प्रताड़ित पीड़िता लड़कियों ने बताया कि आश्रम में रहने वाले साधक या साधिका कोई भी आसाराम, साई या आश्रम के खिलाफ नहीं बोल सकते थे। इसका विरोध करने वाले को विधर्मी व गुरुद्रोही बताकर प्रताड़ित किया जाता था। आश्रम में नेताओं व अधिकारियों के अलावा पुलिस का भी आना जाना रहता था इसलिए स्थानीय पुलिस व प्रशासन से भी ऐसी महिला या पीड़िता मदद की उम्मीद नहीं कर सकती थी।
विरोध करने वालों को ऐसे करते हैं प्रताड़ित1. बिना बताए आश्रम छोड़ने पर चोरी का इल्जाम लगाना। 2. साधक-साधिका के परिवार वालों को धमकाना। 3. विरोध करने पर साधकों को मोर्चा लेकर घर तक भेजना। 4. विधर्मी, गुरुद्रोही, हिंदुत्व विरोधी बता बदनामी करना। 5. पुलिस व प्रशासन का भय दिखाकर डराना।
कई पूर्व सेवादारो ने चेनलो पर ऐसे ही आरोप लगाये जबकि आसाराम कि प्रवक्ता का मीडिया पर ही झल्लाते हुए कहना हे कि सब झूठ हे और ये लोग अव तक कहा थे .




















