
नई दिल्ली. अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुखिया डॉ. प्रणव पंड्या को राज्यसभा के लिए नामित किया। डॉ. पंड्या गायत्री परिवार द्वारा प्रकाशित विश्व की सर्वाधिक वितरित प्रसिद्द आध्यात्मिक पत्रिका अखंड ज्योति के प्रधान संपादक होने के साथ-साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं ओर स्वामी विवेकानंद योगविद्या महापीठम के अध्यक्ष भी हैं। वह 1979 से हरिद्वार में स्थित आध्यात्म के वैज्ञानिक आधार के प्रतिपादन में लगे अंतराष्टीय ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान के डायरेक्टर हैं। उन्हें वैज्ञानिक आध्यात्मिकता का मार्गदर्शक भी माना जाता है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक वेदमूर्ति तपोनिष्ठ युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के शिष्य तथा उत्तराधिकारी डॉ. प्रणव पंड्या करीब 80 देशों में विस्तृत एक लाख से अधिक गायत्री शक्तिपीठो / चेतना केन्द्रों / प्रज्ञा मंडलों से जुड़े करोडो परिजनों अनुयायियों वाले गायत्री परिवार के प्रमुख हे. जज पिता के पुत्र , मुंबई में जन्मे डॉ. प्रणव पंड्या ने 1975 में एमजीएम मेडिकल कॉलेज भोपाल से मेडिसिन में एमडी गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। उन्होंने 1976 में यूएस मेडिकल सर्विस को क्वालिफाइ किया था। डॉ. पंड्या BHEL के साथ भी जुड़े रह चुके हैं।
1984-90 के बीच डॉ. पंड्या केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए चलने वाले ‘पर्सनैलिटी डिवेलपमेंट एंड मोरल एजुकेशन’ ट्रेनिंग प्रोग्राम के भी इंचार्ज रहे। जानकारों के मुताबिक डॉ प्रणव पंड्या, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी हैं और उनका चयन पीएम मोदी की व्यक्तिगत पसंद है। प्रधानमंत्री के 11 सूत्रीय कार्यक्रम में विशेषकर स्वच्छता जेसे अभियानो डॉ. पंड्या और गायत्री परिवार की अहम भूमिका रही है। प्रणव पंड्या, गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की धर्मतंत्र से लोकशिक्षण, मनुष्य में देवत्व का उदय, पृथ्वी पर स्वर्ग का अवतरण करने के ध्येय को बनी युग निर्माण योजना विचार क्रांति अभियान से सनातन भारतीय संस्कृति को दुनिया में नया आयाम देने की मुहिम से जुड़े।






















