देहरादून.चारधाम यात्रा तैयारी को लेकर उतराखंड सरकार ने भले ही पूरी मशीनरी को झोंका,बदरीनाथ चारधाम यात्रा के इंतजामों का कड़ा इम्तिहान लेंगे। चारधाम यात्रा में अब चंद दिन ही शेष रह गए हैं। ज्यादातर ध्यान केदारनाथ में दिया गया। तैयारियों के लिहाज से अन्य धाम पीछे छूट गए। अब हड़बड़ी दिखी है। खुद सरकार मान रही है कि बदरीनाथ धाम के मार्ग बाधित हैं।
गंगोत्री-यमुनोत्री धामों में बिजली-पानी, दूरसंचार सेवा और शौचालय जैसी सहूलियतें नदारद हैं। ऐसे में वक्त रहते तैयारी पूरी होने पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। 21 अप्रैल को 11.30 पर खुलेंगे यमुनोत्री। कपाट खुलने को दो दिन का समय बाकी रहने के बावजूद यमुनोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। यमुनोत्री हाईवे पर पैच वर्क के लिए सरकार की तरफ से पांच करोड़ की धनराशि दी गई है, लेकिन अभी तक यह काम भी अधूरा है। यमुनोत्री धाम के मुख्य मंदिर में पुताई का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। महिलाओं के स्नान के लिए बने गर्म कुंड में पानी पहुंचाने के लिए पाइपों की फिटिंग तक नहीं हो पाई है।
कब किस धाम के कपाट खुलेंगे
गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 21 अप्रैल
केदारनाथ के 24 अप्रैल
बदरीनाथ धाम 26 अप्रैल
20 को ऊखीमठ से रवाना होगी बाबा केदार की डोली
श्री केदारनाथ यात्रा को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति भी तैयारियों में जुट गई है। श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पूर्व बाबा केदार की पंचमुखी मूर्ति की उत्सव डोली के विभिन्न पड़ावों के लिए 20 अप्रैल को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना होगी।यमुनोत्री हाईवे पर हो रहा पैच वर्क
चारधाम यात्रा तैयारी को लेकर प्रदेश सरकार ने भले ही पूरी मशीनरी को झोंका हुआ है, लेकिन यमुनोत्री धाम में 17 अप्रैल की डेड लाइन के बाद भी कार्यों को पूरा नहीं किया गया है। इसके चलते कपाट खुलने तक यात्रा तैयारियां जारी रहने ही स्थिति बनी हुई है। कपाट खुलने के समय सीएम के आने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
यमुनोत्री हाईवे पर अभी तक डामरीकरण और पैच वर्क का काम चलता दिखाई दे रहा है। इससे जाहिर है कि यात्रा तैयारियां अभी पूरी नहीं हुई हैंं। यमुनोत्री धाम में बिजली पहुंचाने के लिए लाइनों को खींचने और खंभे लगाने का काम भी चल ही रहा है। 6 किमी के पैदल मार्ग पर सफाई व्यवस्था कहीं नजर नहीं आ रही है। प्रोपर यमुनोत्री में हनुमान मंदिर से गरुड़ गंगा तक जाने वाली पंगडंडी बदहाल और खतरनाक बनी हुई है। यमुनोत्री मंदिर परिसर को जोड़ने वाला मार्ग भी संकरा बना हुआ है।
जानकीचट्टी से खरसाली हेलीपेड तक जाने वाले सड़क मार्ग को भी लोनिवि अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं कर पाया है। मां यमुना के मायके खरसाली तक जाने वाला पीएमजीएसवाई का फूलचट्टी-खरसाली मोटर मार्ग भी बदहाल है। कुली ऐजेंसी की तैयारियां भी अभी जीरो ही हैं, जिससे यात्रा से पहले पैदल मार्ग पर कम्प्यूटराइज्ड डंडी-कंडी और घोडे़-खच्चरों की व्यवस्था मिलने के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यमुनोत्री यात्रा रूट
यमुनोत्री यात्रा रूट पर अभी भी सन्नाटा पसरा है। हालांकि पैदल रूट सहित यात्रा के प्रमुख पड़ावों बड़कोट, रानाचट्टी, स्यानाचट्टी आदि में व्यवसायियों और होटल स्वामियों ने यात्रा तैयारियों का काम शुरू कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि यात्रा अच्छी चलेगी। प्रमुख होटल व्यवसायी शरत चौहान, जगमोहन परमार, विशालमणी रतूड़ी, भगवान सिंह राणा का कहना है कि यात्रा अच्छी रहने की उम्मीद है। यदि यात्रा न चली तो उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
महिला चेंजिंग रूम की समस्या
महिला चैंजिंग रूम की भी समस्या बनी हुई है। इसकी वजह से महिला तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रहा है।
भंडारे का आयोजन
कपाट खुलने के दिन जिला पंचायत यमुनोत्री धाम में भंडारे का आयोजन करेगी। इसके लिए पूरी तैयारियां की जा रही हैं। संचार सेवाओं से यमुनोत्री को जोड़ने के लिए भी प्रदेश और केंद्र सरकार के नेताओं से वार्ता की जा रही है।
यमुनोत्री पैदल मार्ग की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी की कंप्यूटराइज व्यवस्था की गई है। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।जसोदा राणा, जिला पंचायत
17 अप्रैल तक यात्रा तैयारियां पूरी करने का भरोसा विभागों ने दिलाया था। यात्रा पहले से तैयारियां पूरी होने की उम्मीद है। यमुनोत्री धाम में घाट और वीआईपी घाट की कमी बनी हुई है। इसके लिए सीएम हरीश रावत से बात की गई है।
उपाध्यक्ष पं. पवन उनियाल, यमुनोत्री मंदिर समिति






















