नई दिल्ली. इंस्पेक्टर राज ख़त्म कर सुशासन का सपना दिखाने वाली मोदी सरकार अब देशभर के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) बंद करने का मन बना रही है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक देश के ज्यादातर आरटीओ दफ्तरों में कोई काम नहीं होता और वहां भ्रष्टाचार फैला हुआ है. ‘गडकरी का कहना है कि कोई ट्रैफिक सिग्नल तोड़ता है, तो उस पर कार्रवाई का काम आरटीओ का है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.’
मोटर एक्ट में होगा बदलाव
आरटीओ दफ्तर की लालफीताशाही और आम नागरिको को होने वाली प्रताड़ना को बंद कर मोदी सरकार एक नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है. सरकार चाहती है कि जगह जगह विडिओ लगे हो और कोई सिग्नल तोड़ता है, तो ऑनलाइन व्यवस्था के तहत उसके घर चालान पहुंचा कर जुर्माना वसूला जाए, लायसेंस परमिट भी आनलाईन पैसा जमा कर पोस्ट से अपने आप आये, सरकार आम नागरिको को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिलाने का काम करे. सूत्रो के अनुसार आने वाले कुछ महीनों में कानून बनाकर ये नई व्यवस्था लागू की जा सकती है.
सड़क सुरक्षा नियमों में सख्त होगी
सड़क सुरक्षा नियमों को सख्त बनाने के लिए सरकार सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट में भी संशोधन पर विचार कर रही है। परिवहन मंत्रालय अन्य देशों जैसे यूके, यूएस, कनाडा, जर्मनी, जापान और सिंगापुर के मोटर एक्ट का भी अध्ययन कर रहा है।
परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल में सड़क सुरक्षा नियमों को प्राथमिक मुद्दा बताया था और सड़क सुरक्षा मानकों को सख्त करने का संकेत दिया था। सड़क सुरक्षा मानकों पर पुलिस व ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे परिवहन मंत्रालय के उच्चाधिकारियों ने सभी सवारी गाडियों में एयरबैग लगाने का पक्ष लिया है। सूत्रों के अनुसार, शुरूआत में बसों सहित सभी सवारी गाडियों में सामने की दो सीटों पर एयरबैग और सभी तरह के दोपहिया वाहनों में डिस्क ब्रेक को अनिवार्य बनाया जाएगा। अभी केवल हाई-स्पीड दोपहिया वाहनों में डिस्क ब्रेक और महंगी कारों में ही एयरबैग जैसे सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। हालांकि वर्तमान में सभी गाडियों में केवल सीट बेल्ट को ही अनिवार्य रखा गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त नहीं है.
सड़क हादसों के लिहाज से भारत, दुनिया भर में सबसे खतरनाक साबित हो रहा है। देश भर में सड़क हादसों से सालाना 1.4 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जो सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा मानकों की कमजोर स्थिति का संकेत देता है। सड़क हादसों को घटाने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्रालय, सेंट्रल मोटर एक्ट में संशोधन कर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती करने और वाहनों के साथ नए सुरक्षा मानकों को जोड़ने जैसे उपायों पर विचार कर रहा है। सड़क सुरक्षा मानकों को सख्त करने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सुरक्षा के कुछ मूल उपायों को लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत दोपहिया वाहनों में डिस्क ब्रेक और सवारी गाडियों में एयरबैग को अनिवार्य बनाना शामिल है। इनके पीछे कमजोर सुरक्षा मानक, विभिन्न स्तरों पर सुरक्षा व ट्रैफिक नियमों की अनदेखी व अप्रशिक्षित वाहन चालक जैसे कारण जिम्मेदार पाए गए हैं।






















