नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पूर्वी भारत के कई शहरों को बुधवार देर रात आए भूकंप के झटकों ने दहला दिया। भूकंप की तीव्रता 6.0 और केंद्र कटक के पारादीप गढ़ में समुद्र में 39 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। भूकंप से अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।
भूकंप के झटके छह राज्यों दिल्ली, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में महसूस किए गए। ओडिशा के पारादीप, पुरी, कटक, भुवनेश्वर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता व अन्य शहरों में भूकंप की तीव्रता सबसे ज्यादा महसूस की गई। दिल्ली-एनसीआर में रात 9 बजकर 58 मिनट पर भूकंप के ये झटके महसूस किए गए। करीब 40 सेकंड तक रुक-रुक कर भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। लोग घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए।
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप के झटके उत्तर और पूर्वी भारत में भी महसूस किए गए। उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, कौशाम्बी, इलाहाबाद में ये झटके महसूस किए गए। वहीं पूर्वी भारत के भुवनेश्वर, गया, रांची, जमशेदपुर में भी न झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। दक्षिण में हैदराबाद में भी भूकंप की तीव्रता महसूस की गई। भूकंप से किसी नुकसान की खबर नहीं है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा में मछुआरों के समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। आशंका है कि भूकंप के बाद समुद्र में तेज लहरें उठ सकती हैं।
ताइवान में 5.9 तीव्रता का भूकंप
ताइवान में बुधवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया और राजधानी में मकान हिलने लगे लेकिन किसी के हताहत होने या नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।
भूकंप विज्ञान केन्द्र ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बज कर 21 मिनट पर आए इस भूकंप का केन्द्र पूर्वी शहर हुआलियेन से 33.3 किलोमीटर (21 मील) दूर दक्षिण-पश्चिम में 18 किलोमीटर की गहराई पर था। केंद्र के अनुसार, द्वीप के कई हिस्सों में निवासियों ने झटके महसूस किए।
यह द्वीप दो टेक्टोनिक प्लेटों के जोड़ के पास स्थित है और यहां पर अक्सर भूकंप आते हैं। पिछले साल मध्य ताइवान में 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई जगह भूस्खलन हुआ था। सितंबर 1999 में द्वीप पर 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें लगभग 2,400 लोगों की मौत हो गई थी





















