नई दिल्ली। नितिन गड़करी और देश के कई नेताओ पर बगेर प्रमाण भ्रस्टाचार के आरोप लगाने पर न्यायालय ने आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल को जेल में डाल दिया। जनता के आम आदमी पार्टी को बुरी तरह नकार देने के बाद भी केजरीवाल बाज नहीं आ रहे और वे इसे भी राजनेतिक तौर पर बीजेपी पर डाल भुनाने निकल पडे।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने खिलाफ अवमानना के एक मामले में बुधवार को बेल बांड भरने से इन्कार कर दिया। इसके बाद शाम को उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्हें अगली सुनवाई यानी 23 मई तक तिहाड़ जेल में रखा जाएगा।
गौरतलब है कि भाजपा नेता नितिन गडकरी ने केजरीवाल के खिलाफ अवमानना मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। गडकरी की वकील पिंकी आनंद ने बताया, आमतौर पर ऐसे मामलों में बेल बॉण्ड लेने का प्रावधान है, लेकिन पहले इस पर हामी भरने के बाद केजरीवाल पलट गए। केजरीवाल का कहना है कि जमानत लेना उनकी पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है। केजरीवाल यह लिखित में देने को राजी थे कि अदालत जब बुलाएगी, तब वे हाजिर होने को राजी हैं, लेकिन जज ने उनकी बात नहीं मानी। पिंकी आनंद के मुताबिक, जज ने भी केजरीवाल से कहा कि आप बेल बॉण्ड नहीं लेगे तो आपके लिए कोई दूसरा प्रावधान नहीं किया जा सकता।
यह भी कहा जज नेमामले में कोर्ट से समन जारी होने के बाद अरविंद केजरीवाल आज अदालत में उपस्थित हुए थे। सुनवाई के दौरान मेट्रोपालिटन मैजिस्ट्रेट गोमती मनोचा से केजरीवाल ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर यहां उपस्थित तो हो गए लेकिन जमानत के लिए बांड नहीं भरेंगे।
क्या है पूरा विवादसुनवाई के दौरान मैजिस्ट्रेट का कहना था कि आखिर क्यों केजरीवाल बेल बांड नहीं भर रहे। समस्या क्या है? इसके लिए एक प्रक्रिया है, हम क्यों इस मामले में अलग तरह की प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत केजरीवाल को बेल बांड भरना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, क्या आप अपने लिए विशेष प्रक्रिया चाहते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने कोई बहुत बड़ा अपराध नहीं किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि न ही मैं इस मामले में विशेष व्यवहार की उम्मीद रखता हूं। केजरीवाल ने कहा कि यह मेरा सिद्धांत है कि जब मैने कोई गलती ही नहीं की है तो मुझे जमानत भी नहीं चाहिए। मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं। केजरीवाल के वकील प्रशांत भूषण और राहुल मेहरा ने मैजिस्ट्रेट से कहा कि यह मामला राजनीतिक है और आम आदमी पार्टी के सिद्धांत के तहत वह बेल बांड नहीं भरेंगे। केजरी को जज की फटकार, 24 मई को पेश हों वर्ना कड़ी कार्रवाई होगी.






















