मुंबई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अदाणी समूह को 5,500 करोड़ रुपए का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समूह को यह नोटिस पूंजी उपकरण आयात का मूल्य कथित रूप से बढ़ा चढ़ाकर दिखाने के लिए दिया गया।
डीआरआई के मुंबई कार्यालय ने यह कारण बताओ नोटिस पिछले सप्ताह जारी किया। निदेशालय सूत्रों ने बताया कि अहमदाबाद स्थित अदाणी समूह की तीन कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस इसकी बिजली परियोजनाओं के लिए पूंजीगत उपकरणों का मूल्य कथित रूप से 2000 करोड़ रुपए बढ़ाकर दिखाने पर दिये गए हैं।
निदेशालय के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ”हमने अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और हमें इनसे शीघ्र जवाब मिलने की उम्मीद है।” उल्लेखनीय है कि 10,000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन के साथ अदाणी समूह देश की निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है। इसके साथ ही वह देश की सबसे बड़ी बंदरगाह परिचालक कंपनी भी है।
निदेशालय सूत्रों ने बताया कि गौतम अदाणी प्रवर्तित तीन समूह कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है जिनमें अदाणी पावर महाराष्ट्र, अदाणी पावर राजस्थान तथा महाराष्ट्र ईस्टर्न ग्रिड पावर ट्रांसमिशन कंपनी शामिल है। इसके अलावा महाराष्ट्र ईस्टर्न के एक अनुबंधक को भी नोटिस दिया गया है।
अदाणी समूह के प्रवक्ता ने डीआरआई से नोटिस मिलने की पुष्टि की। प्रवक्ता ने कहा कि इन नोटिसों की समीक्षा की जा रही है और ‘कानूनी राय के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा।’
निदेशालय अधिकारियों के अनुसार यह नोटिस अदाणी समूह की विभिन्न कंपनियों द्वारा मशीन व उपकरणों के आयात का मूल्य बढ़ाकर दिखाने (ओवर वेल्यूशन) की जांच के बाद जारी किए गए हैं।
अदाणी समूह ने 16 मई को ओड़िशा में टाटा स्टील, लार्सन एण्ड टुब्रो से धर्मा बंदरगाह 5,500 करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा की है।





















