नई दिल्ली: चुनाव नतीजों से पूर्व तमाम एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलता दिखाए जाने के बाद पार्टी में हलचल काफी तेज हो गई है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जहां बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, वहीं, आज भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह आरएसएस नेताओं के साथ बैठकों में व्यस्त रहे।
आज ही राजनाथ सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आरएसएस नेता सुरेश सोनी से मुलाकात की है।बताया जा रहा है कि इन तमाम बैठकों में नतीजों के बाद की रणनीति तय की जा रही है। कहा जा रहा है कि पार्टी के सत्ता में आने पर तमाम नेताओं की पदों और जिम्मेदारियों में परिवर्तन होगा।
आज दिन में राजनाथ सिंह ने आरएसएस के पदाधिकारी सुरेश सोनी के साथ मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली। इस बैठक में रामलाल सौदान सिंह सतीश भी मौजूद थे। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस बैठक में अमित शाह भी पहुंच गए थे। सूचना यह भी है कि अमित शाह ने आरएसएस नेताओं से दिल्ली के झंडेवाला स्थित कार्यालय में भी मुलाकात की थी। इन चुनावों में यदि बीजेपी को बहुमत आता हे तो मुख्य वजह संघ की दूरगामी रणनीति और करीब एक करोड़ स्वयंसेवको का वर्षो का दिन रात अथक परिश्रम रहा हे जिस पर अब संघ किसी भी विबाद को कोई स्थान नहीं देना चाहता बताया जा रहा है कि सरकार बनाने की स्थिति में पार्टी में किसी प्रकार के मतभेद के सन्देश बाहर न जावे , इसके लिए आरएसएस सतर्क हो सरे सूत्र सञ्चालन अपने हाथ में रख मध्यस्थता कर रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों में इस बात पर भी चर्चा हुई की नरेंद्र मोदी की सरकार में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका क्या रहेगी। वहीं, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने भी दिन में आडवाणी और गडकरी से मुलाकात की थी। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने पार्टी के तमाम प्रवक्ताओं के साथ आज बैठक की है। जानकारी के अनुसार चुनाव नतीजों के एक दिन बाद पार्टी की संसदीय बोर्ड की एक बैठक शनिवार को होगी जिसमें तमाम अहम मुद्दों पर लिए गए फैसलों पर मुहर लगाई जाएगी।






















