नई दिल्ली.लेफ्टिनेंट दलबीर सुहाग अगले सेनाध्यक्ष हो सकते हैं। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को उनके नाम को मंजूरी के लिए कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति के पास भेज दिया है।रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को अगले थलसेना अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया और थलसेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग के नाम की सिफारिश शीर्ष सैन्य पद के लिए की।
उच्च-पदस्थ सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने चुनाव आयोग से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद कैबिनेट की नियुक्ति समिति को यह सिफारिश भेजी।
मंत्रालय ने आदर्श आचार संहिता के मददेनजर इस मामले में चुनाव आयोग की राय मांगी थी।इससे पहले चुनाव आयोग ने रक्षा मंत्रालय को अगला सेनाध्यक्ष नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी। सोमवार को रक्षा मंत्रालय को भेजे पत्र में आयोग ने 27 मार्च के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि नियुक्तियां,प्रमोशंस,टेंडर्स और रक्षा बलों के लिए खरीद मौजूदा चुनाव के लिए जारी आचार संहिता के दायरे में नहीं आते और न ही भविष्य में होने वाले चुनावों में आचार संहिता के दायरे में आएंगे।
सूत्रों ने बताया कि थलसेना अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ 59 साल के लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग के नाम की सिफारिश की गई क्योंकि वह सभी लेफ्टिनेंट जनरलों में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति को इस सिफारिश पर फैसला करना है।
मौजूदा थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह 31 जुलाई को सेवानिवत होंगे और परंपरा के मुताबिक सरकार वर्तमान थलसेना प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने से दो महीने पहले नए प्रमुख के नाम की घोषणा करती है।
भाजपा के विरोध के चलते अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्त को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।रक्षा मंत्रालय के रेफरेंस के जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि अगर सरकार चाहती है तो अगले आर्मी चीफ ऑफ स्टॉफ की नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।
जनरल बिक्रम सिंह के 31 जुलाई को रिटायरमेंट के बाद सेनाध्यक्ष का पद खाली हो जाएगा। जनरल बिक्रम सिंह को वीके सिंह के रिटायरमेंट से तीन महीने पहले ही सेनाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग सेनाध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।






















