लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने धुर राजनीतिक विराधी और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि वो अपनी दूसरी पत्नी को खुश करने और उपचुनाव के जरिए उनके बेटे प्रतीक यादव के लिये रास्ता साफ करने के लिये आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं।
एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने शनिवार को कहा कि मुलायम सिंह यादव के परिवार में झगड़ा चल रहा है और वे अपनी दूसरी पत्नी को खुश रखने के लिए उसके पुत्र प्रतीक यादव के लिए इस सीट पर रास्ता साफ करने के लिए यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। इतना ही नहीं मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बुआ कहे जाने पर भी मायावती ने पलटवार किया।
मायावती ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को अपना छोटा भाई भी कहना अपनी तौहीन और अपमान समझूंगी, क्योंकि वह दलित महापुरुषों का अपमान करते हैं और उनके नाम पर बने स्मारकों पर हुए खर्च को फिजूलखर्ची कहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, मुलायम और उनके बेटे को यह समझना चाहिए कि वे बाबा भीमराव अम्बेडकर की वजह से ही यहां (राजनीति के ऊंचे पदों पर) हैं, वरना खेत खलिहानों में गाय भैंस चरा रहे होते।
बसपा मुखिया ने कहा कि यादव समाज कब तक मुलायम सिंह यादव की मानसिक गुलामी करता रहेगा, उसे स्थानीय उम्मीदवार को चुनना चाहिए। उन्होंने सपा और भाजपा में सांठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा, सपा और भाजपा में अन्दरुनी समझौते के तहत नरेन्द्र मोदी वाराणसी और मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं। मायावती ने कहा, अगर मुलायम नरेन्द्र मोदी को रोकना चाहते थे तो उन्हें वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहिए था।





















