नई दिल्ली। असम के बोड़ो बहुल जिलों में 32 निर्दोष लोगों की जान चली गई, फिर भी हमारे प्रमुख सियासी दल इस पर अपनी राजनीतिक रोटिंया सेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस ने असम हिंसा के लिए भाजपा की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की विभाजनकारी नीति के चलते ही असम में निर्दोषों का खून बहा है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कृतसंकल्प है और उन पर हो रहे हमलों को हर हाल में रोकेगी।
असम हिंसा को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने रविवार को भाजपा पर करारा हमला बोला और इसके लिए भाजपा और नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “असम में जो हिंसा भड़की है, वह भाजपा और मोदी की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की सियासत का नतीजा है। असम में अपने भाषण में मोदी ने सांप्रदायिक लाइन पर वोटरों के ध्रुवीकरण की कोशिश की।” अफजल के अनुसार, मुख्य विपक्षी दल ने असम में वैसा ही ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है, जैसा उसने उप्र और बिहार में किया। वे लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कर रहे हैं।
वहीं भाजपा ने असम की घटनाओं पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चुप्पी को निशाना बनाया है। पार्टी का आरोप है कि कानून-व्यवस्था कायम करने के लिए पीएम कुछ नहीं कर रहे हैं। पार्टी प्रवक्ता एमजे अकबर ने कहा, “मारे गए लोगों में अधिकतर मुस्लिम हैं। उनके परिजन घटना के लिए सत्तारुढ़ कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के आने तक लाशों को दफनाने से इन्कार कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के नाम पर कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति कर रही है। अकबर के अनुसार, “देश में कहीं भी कुछ होता है तो कांग्रेसी केवल एक आदमी नरेंद्र मोदी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। अगर हमारी पार्टी के पीएम उम्मीदवार ने किसी सही बात को उठाया है तो इसमे बुराई कहां है। क्या हम उनके (कांग्रेस) वोट बैंक की राजनीति के लिए गैरकानूनी को कानूनी बात करना शुरू कर दें। देश ऐसे नहीं चलता। उसे कानून के आधार पर ही चलाया जा सकता है।”
“एक खास ग्रुप के कैडरों ने निर्दोष लोगों की जान ली है। इस समूह का असल मकसद सांप्रदायिकता की आग को पूरी तरह से भड़काना है। अल्पसंख्यकों की हिफाजत के लिए सरकार कोई कसर नहीं उठा रखेगी।”
-सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री
“असम हिंसा कांग्रेस के बंटवारे की राजनीति का नतीजा है। बांटो और राज करो की नीति के चलते ही कांग्रेस राज्य में पिछले 14-15 वर्षों से सत्ता पर काबिज है।”
-एमजे अकबर, प्रवक्ता भाजपा
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