मुंबई। दक्षिण-मध्य मुंबई की शक्ति मिल परिसर में महिला फोटोग्राफर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अभियोजन ने सोमवार को तीन दोषियों की सजा बढ़ाने की मांग की। एक शीर्ष विधि अधिकारी ने यह जानकारी दी, अभियोजन ने सामूहिक दुष्कर्म की कई घटनाओं को अंजाम देने वाले इन दोषियों की सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ई) के तहत सजा की मांग की, जिसमें मौत होने तक कैद या मृत्युदंड का प्रावधान है।
विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने मीडियाकर्मियों को बताया कि तीनों आरोपी दुष्कर्म के दोनों मामलों में दोषी हैं। पहला, टेलीफोन ऑपरेटर के साथ सामूहिक दुष्कर्म (31 जुलाई) और दूसरा, एक फोटो पत्रकार के साथ सामूहिक दुष्कर्म (22 अगस्त)। उन्हें मौत होने तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, उन्होंने आरोप कबूल नहीं किया है। इसलिए आरोप साबित करने के लिए हम अतिरिक्त सबूत और दो गवाहों को पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि इन तीनों पर धारा 376 (ई) के तहत मुकदमा चलेगा और अदालत मंगलवार को सुनवाई के बाद अंतिम फैसला देगी। निकम की यह टिप्पणी प्रधान सत्र न्यायाधीश शालिनी फड़सलकर जोशी द्वारा की गई सुनवाई के बाद आई है।
न्यायमूर्ति शालिनी ने पिछले हफ्ते 31 जुलाई वाले मामले में चार आरोपियों विजय जाधव (18), कासिम हाफिज शेख उर्फ कासिम बंगाली (20), सलीम अंसारी और एम. अशफाक शेख (26) को दोषी करार दिया था। अभियोजन ने 22 अगस्त वाले मामले में भी आरोपी रहे जाधव, बंगाली और अंसारी की सजा संशोधित आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक, 2013 के तहत बढ़ाने की मांग की है। दोनों मामलों के एक-एक नाबालिग आरोपियों के खिलाफ मुंबई किशोर न्याय बोर्ड अगले महीने अलग-अलग सुनवाई शुरू करेगी।






















