चंडीगढ़। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की छवि खराब करने के आरोप में हरियाणा सरकार ने चर्चित आइएएस अफसर अशोक खेमका को चार्जशीट भेज दी है। सात पेज की इस चार्जशीट में कहा गया है कि वाड्रा-डीएलएफ डील रद कर खेमका ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। इस मुद्दे पर उच्च अधिकारियों से बात न कर वह सीधे मीडिया में चले गए और तबादला होने के बावजूद उन्होंने संबंधित अधिकारी को चार्ज नहीं सौंपा।चकबंदी विभाग के पूर्व महानिदेशक अशोक खेमका पर आरोप है कि उन्होंने गुड़गांव के शिकोहपुर में अपने तबादला आदेश के चार दिन बाद वाड्रा-डीएलएफ के बीच भूमि सौदे का इंतकाल रद कर दिया था। यह जमीन करीब साढ़े तीन एकड़ है। खेमका का कहना था कि यदि सभी जमीनी सौदों की तहकीकात कराई जाए तो करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। हरियाणा सरकार बीज घोटाला मामले में भी खेमका को चार्जशीट देने की तैयारी कर रही है.
राज्य सरकार ने बुधवार रात 8:30 बजे खेमका के घर पर चार्जशीट भिजवाई खेमका के दिल्ली में होने की वजह से बेटे को चार्जशीट सौंप दी, बाद में खेमका ने चार्जशीट सौंपने की तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई कहा कि मैं भगौड़ा नहीं बल्कि जिम्मेदार अधिकारी हूं। जिस तरह मेरे नाबालिग बेटे को जबरदस्ती चार्जशीट दी गई, वह पूरी तरह से मेरे परिवार को डराने-धमकाने का राजनीतिक षडयंत्र है। मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि मेरे कर्मो की सजा परिवार को न दी जाए। खेमका ने मुख्य सचिव से चार्जशीट को लीक करने वाले अफसर अथवा कर्मचारी का पता लगाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत सरकार से पिछले 10 सालों में चार्जशीट किए गए अफसरों का ब्यौरा भी मांगा है।






















