नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश से अलग तेलंगाना राज्य के गठन को औपचारिक तौर पर हरी झंडी दे दी। गुरुवार रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में देर तक चली कैबिनेट की बैठक में अलग तेलंगाना से जुड़े बिल को सहमति दी गई। नए तेलंगाना बिल के मुताबिक, देश के 29वें राज्य में दस जिले होंगे और अगले दस सालों तक हैदराबाद तेलंगाना और सीमांध्र की संयुक्त राजधानी रहेगा। बैठक के बाद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इन 10 सालों के दौरान दोनों राज्यों में एक गवर्नर और 2 सीएम होंगे। इसके अलावा दोनों राज्यों को धारा 371 डी के तहत विशेष राज्य का दर्जा दिया जाएगा। दूसरी तरफ, सीमांध्र की नई राजधानी तय करने के लिए केंद्र सरकार अगले 45 दिनों में एक एक्सपर्ट कमिटी का गठन करेगी। शिंदे ने यह भी साफ किया कि हैदराबाद का संयुक्त राजधानी का स्टेटस दस सालों तक ही रहेगा।
दरअसल, तेलंगाना पर बने जीओएम ने अपनी रिपोर्ट में नए राज्य में दस की जगह 12 जिले किए जाने की सिफारिश की थी और इसे रायल तेलंगाना का नाम दिया जा रहा था। इसमें रायलसीमा के दो जिलों कुरनूल और अनंतपुरम को तेलंगाना में शामिल किए जाने का प्रस्ताव के सामने आते ही सीमांध्र में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जो पिछले कई दिनों से जारी हैं। माना जा रहा है कि इन विरोधों को देखते हुए सरकार ने रायल तेलंगाना का आइडिया छोड़कर सिर्फ तेलंगाना को मंजूरी दी।






















