नई दिल्ली । भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के सबसे मुखर आलोचकों में एक कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अचानक यह कहकर सबको चौंका दिया कि मोदी अब अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा के नजदीक आ रहे हैं उन्होंने कहा कि खुदा न करे कि भाजपा सत्ता में आए और अगर आई तो लोग मोदी नहीं सुषमा को प्रधानमंत्री देखना पसंद करेंगे। लेकिन यह जोड़ना नहीं भूले कि गुजरात के मुख्यमंत्री को 2002 दंगों के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की दिशा में भी कुछ करना चाहिए।
एक कार्यक्रम में दिग्विजय ने कहा कहा, ‘मोदी कट्टरपंथी विचारों को छोड़ रहे हैं अब उन्हें भी समझ में आ रहा है कि इस देश में कट्टरपंथी विचारों के साथ आप आगे नहीं जा सकते।’दिग्विजय ने कहा कि लोकतंत्र में यदि केरल का कोई गरड़िया केआर नारायणन राष्ट्रपति बन सकता है तो एक चायवाला भी पीएम बन सकता है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि जिंदगी में पहली बार कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के मुंह से मोदी की तारीफ सुनकर मुझे खुशी हुई। इस पर दिग्विजय सिंह ने मजाकिया लहजे में कहा कि ‘मोदी पर आपकी संगत का ही असर पड़ा है। आप बधाई की पात्र हैं।’ एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को धर्मनिरपेक्षता के प्रमाण की जरूरत नहीं वह धर्मनिरपेक्षता के संस्कारों के साथ ही बड़े हुए हैं।























