नयी दिल्ली, डीजीएच के खिलाफ सीबीआई के मामले तथा कैग की प्रतिकूल टिप्पणी से पेट्रोलियम मंत्रालय में नीतिगत शिथिलता आयी है।पिछले सप्ताह मुंबई में निवेशकों के समक्ष प्रस्तुती में संयुक्त सचिव :उत्खनन: ए गिरिधर ने यह बात कही। उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में फैसले लंबित होने के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्रालय में अधिकारी निर्णय को मंजूरी देते हैं लेकिन औपचारिक आदेश देने से इनकार करते है जिससे तेल एवं गैस के उत्पादन में देरी होती है।























