नई दिल्ली. कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने सरकार को लिखकर गुहार लगाई है कि वह नए कंपनीज ऐक्ट के सेक्शन 182 (3) में बदलाव करे। इस सेक्शन में कहा गया है कि कॉरपोरेट्स को उन पॉलिटिकल पार्टियों के नामों का खुलासा अपने प्रॉफिट ऐंड लॉस अकाउंट में करना होगा, जिन्हें वे चंदा देते हैं। इसके लिए रेप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल ऐक्ट, 1951 के सेक्शन 29 ए के तहत रजिस्टर्ड इकाइयों को पॉलिटिकल पार्टियों के तौर पर परिभाषित किया गया है। कंपनीज लॉ के पिछले कानूनों में कंपनियों को सिर्फ लोगों का नाम बताना था, इसलिए ज्यादातर कंपनियां पार्टी का नाम नहीं बताती थीं। उल्लेखनीय हे कि काले धन और बेनामी चंदे के कारण देश में लगातार भ्रष्टाचार की स्थिति बनने से कंपनी कानून में पारदर्शिता के लिए यह नया प्रावधान किया गया हे अब ओधोगिक घराने सरकार पर दबाब डाल इसे भी हटाना चाहते हे.




















