इस्लामाबाद.नई तकनीकों के माहिर राहील शरीफ़ के पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष बनने और उसके बाद के घटनाक्रम पर भारत की नज़रें टिकी हुई हैं. दरअसल ऐसा होता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों की प्रक्रिया पर पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष अत्यधिक प्रभाव डालते रहे हैं.,उधर खबर हे कि नाराज जनरल असलम का इस्तीफा
पाकिस्तानी थलसेना के नए प्रमुख लेफ्टिनेंट राहील शरीफ़ कई सालों से सेना को अंदरूनी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए जाने जाते हैं.नए सैन्य प्रमुख ने पाकिस्तानी सेना को नई-नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी है और इसे देश की सीमाओं के अंदर मझौले दर्जे की लड़ाइयों और चरमपंथ के खिलाफ जंग के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.
लेफ्टिनेंट जनरल राहील ने पाकिस्तानी फौज के लगभग सभी महत्वपूर्ण कोर्सों को नया रूप दिया है और इन्हें मौजूदा समय की ज़रूरतों के मुताबिक़ बनाया.पाकिस्तान के अंदर और बाहर, सेना को ”लो इंटेंसिटी कॉनफ्लिक्ट” के लिए तैयार करने पर उनके प्रयासों को ख़ासी सराहना मिली है
उधर खबर हे कि पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल हारून असलम ने उनके दो कनिष्ठों को नया सैन्य प्रमुख और ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ कमेटी का नया अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद आज इस्तीफा दे दिया। जियो न्यूज ने बताया कि असलम ने जीएचक्यू से रक्षा मंत्रालय को अपना इस्तीफा भेज दिया है। असलम आगामी शुक्रवार को सेवानिवृत्त होने जाने जा रहे सैन्य प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कयानी के लिए कल रात प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा आयोजित विदाई रात्रिभोज में भी शामिल नहीं हुए।





















