नई दिल्ली। साथी पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न मामले में फंसे मशहूर खोजी पत्रकार तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट में दाखिल की गई अग्रिम जमानत की अर्जी में उन्होंने साफ कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। तेजपाल के इस रुख पर बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने आरोप लगाया है कि एक केंद्रीय मंत्री तरुण तेजपाल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
तहलका के स्टिंग ऑपरेशन में ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण पैसे लेते रंगे हाथ धरे गए थे और उन्हें सजा भी हुई। जाहिर है, बीजेपी और तेजपाल में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। लेकिन तरुण तेजपाल इस इतिहास की आड़ में अपना भविष्य बचाना चाहते हैं। यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पहले पश्चाताप की मुद्रा अख्तियार करने वाले तेजपाल ने गोवा में एफआईआर दर्ज होने की खबर आते ही रुख बदल लिया।
उधर, कांग्रेस का कहना है कि तेजपाल के मुद्दे पर बीजेपी की सक्रियता गुजरात के महिला जासूसी कांड को ढंकने के लिए है। पार्टी प्रवक्ता संजय झा ने ट्वीट किया है कि सुषमा स्वराज भी अरुण जेटली और मनोहर पर्रिकर की तरह तेजपाल पर हमला बोलने में जुट गई हैं ताकि मोदी और अमित शाह के जासूसी कांड को सुर्खियों से बाहर किया जा सके।
वहीं केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने सुषमा झूठी बात फैला रही हे कि तेजपाल की माता मेरी बहन है। मेरी एक मात्र बहन, आशा नंदा, महारानी बाग में रहती हैं। एक झूठ और लिखा है कि 2011 के रिकॉर्ड से तहलका के 80 फीसदी शेयर कपिल सिब्बल के पास हैं लेकिन मेरे पास कोई शेयर नहीं है। ये आरएसएस का पैटर्न है। उन्होंने कहा की तेजपाल के मामले में कानून अपना कार्य कर रहा हे पर सुषमा स्वराज जेसे भाजपाई नेता इसमें राजनीति घुसेड पीड़ित महिला के प्रति अन्याय कर रहे हे।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने दावा किया है कि वे मामले में व्यक्तिगत दिलचस्पी कतई नहीं ले रहे हैं। जो भी हो रहा है, कानून के मुताबिक हो रहा है। तेजपाल के उनपर या उनकी सरकार पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।




















