औरंगाबाद. सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. अग्विनेश ने बताया कि 2011 में जब अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे तब अरविंद केजरीवाल की इच्छा थी कि वह अपने जीवन का बलिदान दे दें. अग्विनेश ने कहा उस वक्त अन्ना का आंदोलन जोरो पर था , लेकिन सब यह भी जानते थे उनकी तबीयत उनका साथ नहीं दे रही है . तब उन्होंने दिवंगत विलासराव देशमुख से हस्तक्षेप करने को कहा था. देशमुख उस वक्त यूपीए सरकार में मंत्री थे. देशमुख के हस्तक्षेप के बाद 12 दिन बाद अन्ना ने अपना अनशन तोड़ा था. अग्निवेश ने कहा कि 2011 के आंदोलन के दौरान केजरीवाल और अन्य पर ज्यादा निर्भर रहकर अन्ना ने खुद अपनी छवि को नुकसान पहुंचाया था.























