महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को ‘भारत रत्न’ देने की पूरजोर मांग करते हुए दिग्गज खिलाडियों ने कहा है कि सबसे पहले यह सम्मान उन्हें नहीं दिया जाना उस महान खिलाड़ी का घोर अपमान है जिसने देश को गुलामी के दौर में खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई थी। भारत के पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह ने कहा, ”मेजर ध्यानचंद का खेल के क्षेत्र में बड़ा योगदान है । इस महान खिलाड़ी ने उस वक्त मुल्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में पहचान दिलाई थी जब हमारा देश गुलाम था। इसलिए खेल के क्षेत्र में इस सम्मान पर पहला हक उनका बनता है।”
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की केंद्र सरकार की घोषणा के खिलाफ मुजफ्फरपुर के सीजेएम एसपी सिंह की अदालत में मंगलवार को परिवाद दायर किया गया।इसमें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह, केंद्रीय खेल सचिव व भारत रत्न पैनल के अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया है।
अदालत 10 दिसंबर को मामले पर सुनवाई करेगी। परिवादी का कहना है कि सचिन को भारत रत्न दिया जाना देशवासियों के साथ धोखा है।






















