भारत की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था 2 साल में फिर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर लेगी।
अहलूवालिया यहां 34वें स्कॉच सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि इस समय नरमी है पर मुझे लगता है कि हम अगले दो साल में वृद्धि दर का वह स्तर प्राप्त कर लेंगे, जिसे हमने अपनी दर मान रखा था।
12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) की अवधि के पहले साल अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पांच प्रतिशत थी, जबकि योजना अवधि के दौरान सरकार ने आठ प्रतिशत की वृद्धि दर का लक्ष्य रखा है।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की तिमाही में वृद्धि दर घटकर 4.4 प्रतिशत रह गई, जो इसी वर्ष जनवरी-मार्च में 4.8 प्रतिशत थी। पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल से जून की अवधि में वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत थी।
अहलूवालिया ने कहा मेरा मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक और मध्यावधिक वृद्धि की संभावना आठ प्रतिशत है, बशर्ते 12वीं योजना के लिए तय कार्यक्रमों का अनुपालन किया जाए। स्पष्ट रूप से पहले दो साल में वृद्धि उस स्तर पर नहीं रहेगी























