गांधी मैदान की रैली आतंकियों के निशाने पर थी। अगर पटना जंक्शन के शौचालय में विस्फोट न हुआ होता, तो गांधी मैदान में सीरियल ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती। इस सीरियल बम ब्लास्ट को चार लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। पटना ब्लास्ट ‘मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने के लिए किए गए बताये जा रहे हे . इस घटना को अंजाम देने के लिए पिछले तीन माह से आतंकी संगठन आईएम् फ़िराक में था बताया जा रहा हे .






















