बीजिंग. भारत और चीन दशकों पुराने सीमा विवाद को हल करने के लिए बुधवार को सीमा रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने के अलावा सभी बकाया मुद्दों को हल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच 4000 किलोमीटर लंबी सीमा पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सीमा रक्षा सहयोग समझौतो पर रक्षा सचिव आरके माथुर और चीनी समकक्ष सन जिनगेवो ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तुरंत बाद चीनी प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह भोज को आयोजन किया। इसमें भारतीय मेहमानों के कई पकवान पहली बार परोसे गए थे। इस भोज में मनमोहन की पत्नी गुरशरण कौर मौजूद नहीं थीं। यह भोज आठ कोर्स का था।
इस ऐतिहासिक समझौते के बाद मनमोहन ने कहा कि कहा कि जब भारत-चीन हाथ मिलाते हैं तो दुनिया उसे ध्यान से देखती है।





















