राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस ने प्रज्ञा प्रवाह के मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत माननीय एच दत्तात्रय जी होसबोले को अपना नया सरकार्यवाह चुना है। दत्तात्रेय होसबाले, सुरेश भैयाजी जोशी की जगह लेंगे। प्रतिनिधि सभा की बेंगलुरु में हुई बैठक में दत्तात्रेय होसबोले के नाम पर मुहर लगी है।
यह संघ में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है। 66 वर्षीय दत्तात्रेय होसबोले कर्नाटक के शिमोगा जिले से हैं। सरकार्यवाह का कार्यकाल 3 सालों का होता है। दत्तात्रेय होसबोले 2009 से सह सरकार्यवाह का दायित्व निर्वहन कर रहे है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बेंगलुरू में आयोजित प्रतिनिधि सभा की बैठक में दत्तात्रेय होसबोले को संगठन का अगला सर कार्यवाह चुना गया है। इससे यह संभावना बलवती हो गई है कि संघ और सरकार के रिश्ते ज्यादा सहज और मजबूत होंगे। साथ ही अपेक्षाकृत युवा होसबोले को संघ में दूसरे नंबर का सबसे शक्तिशाली पद मिलने के मायने है कि इससे संगठन को न सिर्फ और अधिक विस्तार मिलेगा बल्कि इसकी रीति नीति और कामकाज में भी बदलते दौर के मुताबिक जरूरी बदलाव भी होंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि के दत्तात्रेय होसबोले है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पद सोपान में सर कार्यवाह का स्थान सर संघचालक के बाद दूसरे नंबर का है। लेकिन संगठन की समस्त कार्यकारी शक्तियां इसी पद में निहित हैं। संघ परिवार के समस्त अनुषांगिक संगठनों से संबंधित निर्णयों में सर कार्यवाह की अति महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मौजूदा सर कार्यवाह सुरेश राव जोशी जिन्हें भैयाजी जोशी के नाम से जाना जाता है, करीब 12 वर्ष से इस पद पर हैं। आमतौर पर संघ में तीन से ज्यादा कार्यकाल किसी पदाधिकारी को नहीं मिलते, लेकिन भैया जी जोशी लगातार चार कार्यकाल पूरे करने के बाद स्वास्थ्य कारणों से स्वयं पदमुक्त होना चाह रहे थे।
संपूर्ण संघ प्रतिष्ठान और उससे जुड़े अनुषांगिक संगठनों जिसमें भाजपा भी शामिल है, में भैयाजी जोशी का बेहद सम्मान है। उन्होंने यह पद तब संभाला था जब सर संघचालक के पद से के.एस. सुदर्शन की विदाई हुई थी और मौजूदा सर संघचालक मोहन राव भागवत जी ने पदभार ग्रहण किया था। भागवत और जोशी के बीच भी बहुत मधुर रिश्ते हैं और सर कार्यवाह पद पर भी भागवत की इच्छा से ही जोशी आए थे। यह पद मोहन भागवत के सर संघचालक बनने के बाद रिक्त हुआ था। उस समय इस पद के प्रबल दावेदार मदनदास देवी भी थे जो वरिष्ठतम तत्कालीन सह कार्यवाह थे। जोशी के कार्यकाल में सर संघचालक के साथ उनकी अच्छी निभी।
विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि के नाते दत्तात्रेय होसबोले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी बेहद करीबी माना जाता है। जबकि भइयाजी जोशी संघ में मोदी से वरिष्ठ थे और उन्होंने ही नरेंद्र मोदी को संघ में दीक्षित और प्रशिक्षित किया था। जानकारों के मुताबिक होसबोले आधुनिक सोच वाले व्यक्ति हैं और वह संघ की पुरानी लकीर से बंधे रहने वाले नहीं हैं
दत्तात्रेय होसबळे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह (संयुक्त महासचिव/ज्वाइंट जेनरल सेक्रेटरी) और प्रसिद्ध विचारक हैं।
दिनांक 01 दिसम्बर, 1955 को कर्नाटक के शिमोगा जिले के सोराबा तालुक़ के इनका जन्म हुआ। इन्होंने अंग्रेज़ी विषय से स्नातकोत्तर तक की शिक्षा ग्रहण की है।
दत्तात्रेय होसबळे 1968 में 13 वर्ष की अवस्था में संघ के स्वयंसेवक बने और 1972 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़े। अगले 15 वर्षों तक ये परिषद् के संगठन महामंत्री रहे। ये सन् 1975-77 के जेपी आन्दोलन में भी सक्रिय थे और लगभग पौने दो वर्ष आपने ‘मीसा’ के अंतर्गत जेलयात्रा भी की। जेल में इन्होंने दो हस्तलिखित पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।
सन् 1978 में नागपुर नगर सम्पर्क प्रमुख के रूप में विद्यार्थी परिषद् में पूर्णकालिक कार्यकर्ता हुए। विद्यार्थी परिषद् में आपने अनेक दायित्वों का निर्वहण करते हुए परिषद् के राष्ट्रीय संगठन-मंत्री के पद को सुशोभित किया। गुवाहाटी में युवा विकास केन्द्र के संचालन में इनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। अंडमान निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर भारत में विद्यार्थी परिषद् के कार्य-विस्तार का सम्पूर्ण श्रेय भी इनको है।
दत्तात्रेय होसबळे ने नेपाल, रूस, इंग्लैण्ड, फ्रांस और अमेरिका की यात्राएँ की हैं। सम्पूर्ण भारतवर्ष की असंख्य बार प्रदक्षिणा की है। अभी कुछ दिनों पूर्व नेपाल में आए भीषण भूकम्प के बाद संघ द्वारा भेजी गयी राहत-सामग्री और राहतदल के प्रमुख के नाते आप नेपाल गए थे और वहाँ कई दिनों तक सेवा-कार्य किया था। वर्ष 2004 में ये संघ के अखिल भारतीय सह-बौद्धिक प्रमुख बनाए गये। तत्पश्चात् 2008 से सह-सरकार्यवाह के पद पर कार्यरत हैं।
दत्तात्रेय होसबळे मातृभाषा कन्नड़ के अतिरिक्त अंग्रेज़ी, हिंदी, संस्कृत, तमिळ, मराठी, आदि अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के मर्मज्ञ विद्वान हैं। आप लोकप्रिय कन्नड़-मासिक ‘असीमा’ के संस्थापक-संपादक हैं।
श्री राम माधव की RSS में वापसी हुई, संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी में मिली जगह
माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय जी होसबले
माननीय सह सरकार्यवाह
श्री कृष्णगोपाल जी
श्री मनमोहन जी वैद्य
श्री मुकुन्द जी
श्री अरुणकुमार जी
श्री रामदत्त जी चक्रधर
श्री अशोक जी अग्रवाल
क्षेत्र कार्यवाह
श्री हेमन्त जी मुक्तिबोध
सह क्षेत्र कार्यवाह
श्री अशोक जी पोरवाल
सह क्षेत्र प्रचारक
श्री स्वप्निल जी कुलकर्णी
मध्यभारत प्रान्त प्रचारक
श्री विमल जी गुप्ता
मध्यभारत सह प्रान्त प्रचारक
श्री सुनील आंबेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व मिला !























