सेना की 69वीं सालगिरह पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने जवानों के सोशल मीडिया पर शिकायती वीडियो डाले जाने कहा, ‘हमारे कुछ साथी अपनी समस्या के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे हमारे वीर जवानों के मनोबल पर असर पड़ता है. अगर आपकी कोई समस्या है, तो उसके लिए सेना में मौजूद सिस्टम का इस्तेमाल करें. आप सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं.’ सेना अध्यक्ष ने जवानों को संबोधित किया कि सेना जो कार्रवाई करती है, उसके लिए उसे अपराधी भी पाया जा सकता है और सजा का हकदार भी माना जा सकता है पूर्व नेवी चीफ के अगस्ता सोदे के भ्रष्टाचार में जेल जाने, अनेको रक्षा सोदे बोफ़र्स आदि के घोटाले तो उजागर हो चुके हे , आपसी बाक्ट्चीत में अफसर स्वीकार करते हे कि गत वर्षो में बड़े सेना के भ्रष्टाचार ने तो 50 वर्षो के सारे रेकार्ड तोड़ दिए, तीनो सेनाओ में जूते वर्दी से लेकर प्रत्येक खरीदी में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त हे और यह पूरे देश को मालूम हे.सवाल यह हे कि सेनिको के राशन में भारी भ्रष्टाचार, उन्हें गुलामो से बद्तर ट्रीट करने पर हक़ की आवाज उठाने से ही सेनिको का मनोबल टूटता हे, तो फिर क्यों नहीं सिपाहियों को धमकी देकर चुप करने की बजाय ,व्यवस्था को साफ़ सुथरी करते ?
मालूम हो, पहले बीएसएफ और सीआरपीएफ जवान का वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने सुविधाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद एक और सैनिक का वीडियो वायरल हुआ। इसमें जवान ने अफसरों पर अपने घर के काम करवाने और जूते साफ करवाने के आरोप लगाए हैं।
इसके बाद फौरी कदम उठाते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सीधे शिकायतों पर नजर रखने का फैसला किया है। इसके लिए सेना प्रमुख ने सेना के सभी कमान कार्यालयों में शिकायत व सुझाव पेटी लगाने का आदेश जारी कर दिया है जबकि यह व्यवस्था पूर्व से ही हे पर इसका कोई प्रभाव नहीं दीखता ।























