



नई दिल्ली
सेना प्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद आज पहले ही दिन सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि भविष्य में सिर कलम करने जैसी घटना पर भारत की प्रतिक्रिया ” और अधिक यथोचित, तीव्र और तत्काल ” होगी।
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के तौर पर सलामी गारद के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मैं आपसे कह सकता हूं कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर हमारी प्रतिक्रिया और यथोचित होगी। यह तीव्र और तत्काल होगी। नए सैन्य प्रमुख ने पिछले साल पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा 8 जनवरी को पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सैनिक लांस नायक हेमराज के सिर कलम किए जाने के बाद पाकिस्तान को ‘करारा जवाब’ दिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर ये बातें कहीं।
पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने गुरुवार को कहा था कि भारत ने सिर कलम किए जाने की घटना पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा, ऐसा किया गया है। कृपया इस बात को समझें कि जब भी हम बल का इस्तेमाल करते हैं तो यह इस्तेमाल दांव-पेच से लेकर अभियान और सामरिक नीति स्तर के लिए होता है।
जनरल दलबीर सिंह सुहाग अत्यंत सख्त और अनुशासनप्रिय लेकिन
नए सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग का आदेश कोई ना माने यह सोचना भी कुफ्र है। अनुशासन के इतने धनी हैं जनरल कि उनके छह फुट के कद के हिसाब से उनका वजन 74 किलो आठ सौ ग्राम से ऊपर नहीं गया। ऎसे सेना प्रमुख के घर में किसी बिगड़ैल के होने की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन उनके घर में एक बिगडैल रहता है। वो है उनका सबसे लाडला कुत्ता जूनो।
जनरल सुहाग के घर में प्रवेश करते ही गोल्डन रिट्रीवर नस्ल का यह इंसान का सबसे वफादार दोस्त दीवाना हो जाता और इस हद तक कुलांचे भरता है कि देश की सेना के प्रमुख का कोई बस नहीं चलता। साढ़े चार फुट के इस कुत्ते को हुक्म बजाना सिखाने की पेशकश भी आई थी। जनरल दलबीर ने जूना की पीठ पर प्यार से हाथ फेरते हुए बताया कि ट्रेनर ने उनसे कहा था कि वह जूना को इस हद तक अनुशासन वाला बना देंगे कि वह उनके इशारे पर नाचा करेगा। जनरल ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैंने ट्रेनर से कहा कि रहने दो। अनुशासन और हुक्म मानने वालों के इस माहौल में कोई तो है जो हुक्म उदूली का साहस करता है।
जनरल सुहाग ने आज भारत की तेरह लाख जवानों की सेना के चीफ के तौर पर कार्यभार संभाला तो उनके जीवन के कई मुलायम और सख्त पहलू उजागर हो गए। और वह दिलचस्प किस्सा भी जब वह पहली बार अपनी होने वाली पत्नी नमिता से मिलने गए थे। आज भी उनके घर में यह किस्सा बांचा जाता है तो ठहाके गूंजने लगते हैं। उस समय एक युवा कैप्टन की हैसियत से वह दिल्ली में 1982 के एशियाड खेल देखने आए तो उनके एक साथी ने नौसेना के एक रिटायर्ड अधिकारी से उनके रिश्ते की बात चलाई और वह लड़की से मिलवाने के लिए ले गए। सुहाग की पत्नी ने उन्हें बाद में बताया कि वह भूल से उन्हें वर समझ बैठी थी जो उन्हें मिलाने लाए थे और एकदम प्रौढ़ थे। अपने होने वाले वर की उम्र से नमिता इस कद्र दुखी हुई कि उनका रोना छूट गया और जब बाद में पता चला कि होने वाला दुल्हा छह फुट का बांका कैप्टन दलबीर था तो नमिता के पैरों में थिरकन आ गई थी।
नए सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग का आदेश कोई ना माने यह सोचना भी कुफ्र है। अनुशासन के इतने धनी हैं जनरल कि उनके छह फुट के कद के हिसाब से उनका वजन 74 किलो आठ सौ ग्राम से ऊपर नहीं गया। ऎसे सेना प्रमुख के घर में किसी बिगड़ैल के होने की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन उनके घर में एक बिगडैल रहता है। वो है उनका सबसे लाडला कुत्ता जूनो।























