मंथन.नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सभी मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से शुरुआती 100 दिन का ‘टाइम टेबल’ तैयार करने को कहा है और निर्देश दिया है कि वे तय करें कि तरजीही विषय क्या हैं और लंबित मुद्दे कौन से हैं।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये निर्देश दिए गए। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने संवाददाताओं को बताया कि सभी मंत्रियों ने अपने संबद्ध मंत्रालयों और विभागों के मुद्दे और सुझाव मोदी के समक्ष रखे। मोदी ने सबकी बात सुनने के बाद कहा, सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा ‘सुशासन’ है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बकौल नायडू मोदी ने कहा, दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा डिलीवरी (निष्पादन) है। तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा कार्यान्वयन है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्यों की ओर से आने वाली चिट्ठियों और ज्ञापनों को महत्व मिलना चाहिए। उनका अध्ययन कर तुरंत जवाब देना चाहिए। जनता की ओर से आने वाली शिकायतों और मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाए और उनके तुरंत समाधान का प्रयास किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज के लिए सुशासन का 10 सूत्रीय एजेंडा पेश कर दिया है। एजेंडे के तहत अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, ऊर्जा और सड़क जैसी चीजों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से एजेंडा तय कर 100 दिन की कार्य योजना बना क्रियान्वन कर समय पर सार्थक परिणाम देने का सुझाव दिया है।
पीएम मोदी का अपनी सरकार के लिए दस सूत्रीय एजेंडा-
1. नौकरशाहों में विश्वास पैदा कर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा ताकि वे नतीजों का सामना करने से डरे नहीं।
2. नए विचारों और सुझावों का स्वागत किया जाएगा।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, ऊर्जा और सड़क जैसे मामलों को दी जाएगी प्राथमिकता।
4. सरकार में पारदर्शिता लाई जाएगी। टेंडर और अन्य सरकारी कामों के लिए ई-ऑक्शन (ऑनलाइन माध्यम से बोली) की व्यवस्था होगी।
5. जीओएम गठित करने के बजाय मंत्रालयों के बीच तालमेल विकसित किया जाएगा।
6. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए सिस्टम बनाया जाएगा।
7. अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श।
8. इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश मामलों में संबंधित सुधार।
9. समय पर योजनाओं को पूरा किया जाएगा।
10. सरकारी नीतियों में निरंतरता और स्थायित्व लाई जाएगी।























