
उज्जैन. आज यानी 26 मई 2014 सोमवार सायं 6 बजे बहुत ही शुभ योग सोम प्रदोष पर नरेन्द्र मोदी देश की सेवा की शपथ, यानी भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले हैं.सनातनी परंपरा में मुहूर्त का सर्वाधिक महत्व है। मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई आज सोमवार को शाम छह बजे शपथ ग्रहण करेंगे। ज्योतिषीय गणना के आधार पर सायं छह बजे गोधुली बेला, तुला लग्न मेष राशि, भरणी नक्षत्र का संयोग है। सबसे अहम बात यह है कि सोमवार को तीसरे पहर 4.37 से रात 11.27 बजे तक यायीजय योग बन रहा है। यह योग अपने आप में शपथ ग्रहण के लिए महायोग है।
यह मुहूर्त भावी प्रधानमंत्री के लिये दीर्घगामी शुभ प्रभाव देने वाला तथा सभी अरिष्ट मुहूर्त व मुहूर्त के दोषों का शमन करने वाला है. यह दीर्घकाल तक शक्तिशाली शासन का सौभाग्य देने वाली ग्रह स्थिति का अभूतपूर्व ‘मुहूर्त ’ बना है.नरेंद्र मोदी का लकी डे सोमवार है। वजह यह कि उनका भाग्येश चंद्रमा है।
मोदी की कुंडली में भाग्येश चंद्रमा जिसने उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया, सौभाग्यत: सोमवार का दिन इस महायोग में चार चांद लगा रहा है। इस तिथि को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी सोम प्रदोष शिवरात्री है । विशेषत: तुला लग्न में शनि व राहु की युति बृहस्पति तथा शुक्र की लग्न पर दृष्टि, यह योग स्पष्ट कर देती है कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली न्यायप्रिय, ईमानदार व राष्ट्र को सशक्त बनाने वाली होगी। इससे विदेशों में भारत का प्रभुत्व, विश्व पटल पर परचम लहराने वाला तथा विदेश नीति, कूटनीति और सैन्य क्षमता में मजबूती, आत्मनिर्णय असाधारण प्रकृति का तथा आम जनमानस को संतुष्टि व सभी पहलुओं पर अच्छी विचारधारा का संकेत देती है। यह योग भारत की संप्रभुता और अखंडता को बली बनाएगा। यहीं पर व्यय भाव का मंगल स्वास्थ्य व विरोधियों से कुछ समस्याएं भी ले आएगा फलत: विरोधियों का पराभव करने वाला होगा।
सूर्य, चंद्र, मंगल और बृहस्पति का मेल :
ज्योतिष का एक सिद्धांत है कि कोई भी राजयोग बिना सूर्य व चंद्र के क्रियान्वित नहीं होता। नमो की वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि की कुंडली में चार बड़े ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल व बृहस्पति हैं। अब देखें इससे पहले नरेंद्र मोदी के लिए गए शपथ के वारों को तो गुजरात में पहली बार उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जिस दिन रविवार था। इसके बाद 22 दिसंबर 2002 व 23 दिसंबर 2007 को भी शपथ रविवार के दिन ली गई। 20 दिसंबर 2012 को बतौर सीएम नमो ने गुरुवार को शपथ ग्रहण ली, और अब सोमवार सोम प्रदोष को शपथ ।
सभी गोचरीय ग्रहों की चाल को देखा जाये तो ऐसी ग्रह स्थिति का उदय हो रहा है कि इस मुहूर्त में प्रधानमंत्री पद की शपथ के परिणाम शासक के साथ-साथ देश के लिये यश, कीर्ति तथा चतुर्मुखी विकास वाले होंगे. इस समय प्रधानमंत्री पद की शपथ लेना देश के भविष्य के लिये बहुत दूरगामी तथा सुखकारी परिणाम वाला होगा. ज्योतिषीय गणनाएं बताती हैं कि वे देश की राजनीति को न सिर्फ नई दिशा देंगे अपितु अपने विरोधियों के सभी कुचक्र अपनी कार्यकुशलता से कुचलते हुए उच्च आदर्श भी स्थापित करेंगे.
इस अवसर पर देश विदेश भर के सनातन धर्मब्लाम्बी मंदिरों और धर्मार्थ स्थलों पर घी के दीप प्रजब्लित करेंगे. बड़ी संख्या में संघ परिवार के असंख्य सदस्यों देशवासियों के साथ साथ घर घर रौशनी कर मिठाई बाँट, आनंद और उत्साह से विजय उत्सव मनाया जाबेगा.





















