नई दिल्ली. मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मंत्रिपरिषद का मोटा खाका तैयार कर लिया है। संघ से परामर्श के बाद रविवार को इस पर मुहर लगा दी जाएगी। भाजपा से लगभग एक से डेढ़ दर्जन के बीच कैबिनेट मंत्री होंगे।
जबकि सहयोगी दलों में केवल बड़े दलों (जिनके पास पांच से ज्यादा सांसद) को ही कैबिनेट पद दिया जाएगा। मोदी ने शनिवार को इस मामले पर अरुण जेटली से एक बार फिर चर्चा की है। इसके पहले वे शुक्रवार को राजनाथ सिंह, जेटली व नितिन गडकरी के साथ नामों पर चर्चा कर चुके थे।
भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी सोमवार को शपथ लेने वाले हैं। सबकी नजर टिकी है उनके कैबिनेट पर, पूरा देश जानना चाहता है कि मोदी की कैबिनेट में किसे जगह मिलेगी और किसे नहीं। सूत्रों का कहना है कि मोदी छोटा मंत्रिमंडल रखने के पक्ष में हैं। मोदी के साथ कैबिनेट में 35 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।
संघ की मंशा व मोदी के मन दोनों को देखते हुए यह लगभग तय है कि सत्ता के दो केंद्र नहीं होंगे। ऐसे में राजनाथ सिंह सरकार में आ सकते है। उनकी जगह संगठन में मौजूदा महासचिव जगत प्रकाश नड्डा नए अध्यक्ष बन सकते हैं। इस बीच राजनाथ सिंह ने शनिवार को सहयोगी दलों के नेताओं के साथ मुलाकातें की है। मोदी ने अपनी कोर टीम के अवाला कुछ चुनिंदा नेताओं से ही मुलाकातें की हैं। पार्टी के सभी सांसद दिल्ली में ही है। सूत्रों के अनुसार कुछ बड़े नेताओं को तो उनके मंत्री बनने की सूचना दे दी गई है, लेकिन अधिकांश नेताओं को रविवार शाम के बाद ही सूचित किया जाएगा।
मोदी के साथ कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानि सीसीएस में राजनाथ, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के शामिल होने की उम्मीद है। सीसीएस को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण बॉडी माना जाता है। राजीव प्रताप रूडी की जगह पार्टी के ही वरिष्ठ सांसद राधा मोहन सिंह को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक मुरली मनोहर जोशी कैबिनेट में शामिल होंगे, लेकिन सीसीएस में उन्हें जगह नहीं मिलेगी। महाराष्ट्र से पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी को महत्वपूर्ण जगह मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक रेलवे, सड़क परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को जोड़कर एक मंत्रालय बनाया जा सकता है। इसकी कमान गडकरी के हाथ में दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक कई और मंत्रालयों का विलय करके सरकार पर बोझ कम किया जाएगा।
वहीं सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट में सहयोगी दलों की क्या हिस्सेदारी होगी इसे लेकर भी स्थिति साफ होती दिख रही है। मोदी कैबिनेट में शिवसेना के दो कैबिनेट और दो राज्यमंत्री, एलजेपी का एक कैबिनेट, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा को राज्यमंत्रालय, अपना दल से एक राज्यमंत्री, टीडीपी को एक कैबिनेट, दो राज्य मंत्री, अकाली दल को एक कैबिनेट या एक राज्यमंत्री, पीएमके को एक राज्यमंत्री, आरपीआई को एक राज्यमंत्री और पी ए संगमा कैबिनेट मंत्री हो सकते हैं।
मोदी के शपथग्रहण से पहले बीजेपी में मेल मुलाकातों का दौर जारी रहा। बीजेपी नेता लगातार गुजरात भवन और राजनाथ सिंह के घर मुलाकात के लिए जा रहे हैं। सुबह ही अनंत कुमार और राजीव प्रताप रूडी राजनाथ सिंह से मिलने पहुंचे। वहीं गाजियाबाद से सांसद वीके सिंह ने भी राजनाथ से मुलाकात की। दूसरी तरफ गुजरात भवन में मोदी से मुलाकात करने टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू भी पहुंचे हैं। बीजेपी नेता अरुण जेटली मुलाकात के लिए संघ के हेडक्वॉर्टर पहुंचे। बीजेपी नेता अमित शाह ने भी गुजरात भवन जाकर मोदी से मुलाकात की।






















