मंथन. जम्मू, नईदिल्ली. मनोनीत पीएम नरेंद्र मोदी के बुलावे पर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के भारत आने का चौतरफा विरोध हो रहा है। इस कड़ी में सरबजीत सिंह के परिवार ने भी नवाज शरीफ के भारते आने का विरोध किया है। सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा है कि नवाज शरीफ को भारत बुलाना बिल्कुल गलत है और हर हिंदुस्तानी को इसका विरोध करना चाहिए।
दलबीर कौर का कहना है कि पाकिस्तान ने हमेशा भारत के साथ गद्दारी की है। बेशक नवाज शरीफ भारत आ रहे हैं, लेकिन इसकी क्या अब वह शरीफ हो गए हैं। दलबीर का कहना है कि नवाज शरीफ कभी भी गद्दारी करने से बाज नहीं आ सकते , उन्होंने ही आगरा दोस्ती और लाहोर बस सेवा की आड़ में कारगिल में घुस हमारे सेंकडो सेनिको का कत्ले आम कराया, सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा है, ‘क्या ऐसे नवाज शरीफ अब बीजेपी मोदी के लिए शरीफ हो गए हैं? या वे रहमान मलिक जिन्हें हम शैतान मलिक कहते थे, उनकी तरह ही हैं? हर हिंदुस्तानी को नवाज शरीफ को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने का विरोध करना चाहिए।’
सरबजीत सिंह की बहन ने कहा कि पाकिस्तान की पुरानी हरकतों को देखते हुए उसपर यकीन ही नहीं किया जा सकता है। दलबीर कौर ने कहा कि हर हिंदुस्तानी को नवाज शरीफ के भारत आने का विरोध करना चाहिए। सरबजीत सिंह की बेटी ने भी नवाज शरीफ को भारत बुलाने का विरोध किया है।
अप्रैल 2013 में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय सरबजीत सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। सरबजीत सिंह को 1990 में पाकिस्तान ने लाहौर और फैसलबाद में हुए बम धमाकों के आरोप में मनजीत सिंह के नाम से कौसर सीमा से गिरफ्तार कर लिया था। सरबजीत की हत्या से पहले उसका परिवार कई बार उसकी रिहाई की मांग कर चुका था, लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक पेंच के चलते सरबजीत की रिहाई नहीं हो सकी।
शिवसेना की जम्मू-कश्मीर इकाई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किये जाने का आज यह कहकर विरोध किया कि पाकिस्तान की सेना संघर्ष विराम का उल्लंघन करके हमारे जवान को मार रही है इसलिए बम धमाके और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकती।
शिवसेना और डोगरा फ्रंट ने अखनूर में पाकिस्तान सेना की फायरिंग में शहीद हुए परिजनों के साथ यहां एक जुलूस निकालकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मंत्रियो के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत के लिए शरीफ को न्यौता दिये जाने का विरोध किया। पार्टी के नेता अशोक कुमार ने इस मौके पर कहा कि जो देश संघर्ष विराम का उल्लंघन करके सीमा पर हमारे जवानों को मार रहा है उसके प्रतिनिधियों को शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली नहीं बुलाया जाना चाहिए।
शहीदों के परिवारो ने कहा कि पाकिस्तान हमारे देश से बेहद घृणा करता हे लगातार सेनिको के सर काटे जा न्रुसंस हत्याए की जा रही हे और बीजेपी मोदी का पूरा चुनावी प्रचार पाक विरोध पर आधारित रहा हे, और अब वे ही अपनी प्रचार निति से यू टर्न ले, पाक से बिना स्थिति बदले रिश्ते बना रहे हे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत में हमलों खासकर मुंबई के 26/11 हमले के मुख्य साजिशकार हाफिज सईद और दाउद इब्राहिम पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। शहीदों के परिजनों ने शहीद जवानों की फोटो ले रखी थी।























