मंथन. नई दिल्ली, भारत नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए भेजे गए न्योते का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से जवाब आने का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहा है। आगामी 26 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में जिन अन्य दक्षेस देशों के सरकार प्रमुखों या राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लेने का फैसला किया है, उनके साथ संक्षिप्त द्विपक्षीय बैठक निर्धारित की गई है।
न्योते का शरीफ की ओर से जवाब मिलने में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम धैर्यवान लोग हैं और पाकिस्तान द्वारा फैसला करने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया का नतीजा आने का इंतजार करेंगे।
मोदी की दक्षेस नेताओं के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री और आगंतुक गणमान्य अतिथियों के बीच संक्षिप्त द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें प्रत्येक पक्ष से सीमित प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा कि 26 मई को शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नेताओं के लिए भोज का आयोजन करेंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या दक्षेस देशों के विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है तो उन्होंने कहा कि सिर्फ आठ न्योते भेजे गए हैं, जिसमें सात दक्षेस देश और एक मॉरिशस के प्रधानमंत्री हैं।
श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के तमिल बहुल उत्तरी प्रांत के मुख्यमंत्री सी वी विग्नेश्वरन को भारत आने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने का उल्लेख करते हुए प्रवक्ता ने कहा, यह प्रतिनिधिमंडल के नेता का विशेषाधिकार है कि वह किसे अपने प्रतिनिधिमंडल में चुनेगा। हालांकि, ऐसा समझा जाता है कि विग्नेश्वरन ने राजपक्षे के निर्णय को खारिज कर दिया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रालय को दक्षेस देशों से प्रतिनिधिमंडल की अंतिम सूची मिल गई है तो प्रवक्ता ने कहा, यह काम प्रगति पर है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला मौका है जब समूचे दक्षिण एशिया के नेतृत्व को भारत के किसी प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए न्योता दिया गया है।
अब तक फैसला नहीं कर सका पाकिस्तान
भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में शिरकत की खातिर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नई दिल्ली दौरे पर अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है। ऐसी खबरें आई हैं कि शरीफ को कट्टरपंथियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, शरीफ की बेटी मरियम ने ट्वीट किया है कि भारत की नई सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्तों को सींचना चाहिए। मरियम ने ट्वीट किया, व्यक्तिगत तौर पर मेरा मानना है कि भारत की नई सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्तों को सींचना चाहिए। इससे मनोवैज्ञानिक बाधाएं, खौफ और संदेह खत्म करने में मदद मिलेगी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की बेटी ने एक और ट्वीट कर लिखा, अपने देश और लोगों की शांति एवं मेल-मिलाप की दिशा में अगुवाई करना नेताओं पर निर्भर है। जानकार इसे शरीफ की भारत दौरे पर जाने की इच्छा के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
इससे पहले, डॉन अखबार के ऑनलाइन संस्करण ने खबर दी कि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सुक्षाव दिया है कि शरीफ मोदी के 26 मई को होने वाले शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल होने के भारत के आमंत्रण को स्वीकार करें। विदेश कार्यालय में तैनात एक वरिष्ठ राजनयिक के हवाले से डॉन ने कहा, इस मौके को जाने देना एक गलती होगी। हमें आज से आगे देखने की जरूरत है। अधिकारी ने कहा, विदेश कार्यालय ने सिफारिश की है और फैसला पक्ष में ही आने की ज्यादा संभावना है।
बहरहाल, बुधवार को प्राप्त आमंत्रण पर सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कल कहा था, प्रधानमंत्री शामिल होंगे या नहीं, उस पर आज (गुरुवार को) किसी भी वक्त फैसला लिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि फैसले में देरी इस वजह से हो रही है, क्योंकि कट्टरपंथी शरीफ के भारत दौरे के खिलाफ हैं।
डॉन की खबर के मुताबिक, शरीफ को भेजे गए आमंत्रण ने पाकिस्तान में बहस छेड़ दी है कि इसे स्वीकार किया जाना चाहिए या नहीं, खासतौर पर ऐसे हालात में जब दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कायम है और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अतीत में पाकिस्तान के न्योते को ठुकरा चुके हैं। प्रधानमंत्री शरीफ ने मोदी की पार्टी की शानदार जीत पर उन्हें फोन करके बधाई दी थी और पदभार संभालने के बाद उन्हें पाकिस्तान के दौरे पर आने का न्योता भी दिया था।
सबसे पहले बांग्लादेश की यात्रा पर जाएंगे मोदी: रिपोर्ट
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी सबसे पहली विदेश यात्रा पर बांग्लादेश पहुंचेंगे। इस आशय का खुलासा यहां के एक बांग्ला दैनिक ने शुक्रवार को किया है। दैनिक अखबार ‘भोरेर कागोज’ ने नई दिल्ली के कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि भारत का विदेश मंत्रालय यात्रा की तारीख तय करने की प्रक्रिया में जुट गया है।
इसमें कहा गया है कि यदि मोदी अपनी सबसे पहली विदेश यात्रा की मंजिल के रूप में बांग्लादेश को चुनते हैं, तो इसका मतलब यह होगा कि वे दोनों देशों के बीच करीबी व्यापारिक रिश्ता स्थापित करना चाहते हैं। सोमवार को होने जा रहे मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बांग्लादेश की संसद की स्पीकर शिरिन शरमिन चौधरी अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे अमिताभ, रजनीकांत
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, सलमान खान और प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर को भी आमंत्रित किया गया है। शुक्रवार को यह जानकारी भाजपा के सूत्रों ने दी।
गौरतलब है कि लता मंगेशकर ने इस साल जनवरी में मोदी को एक कार्यक्रम में शुभकामनाएं दी थीं, वहीं अहमदाबाद में पतंग उत्सव के दौरान अपनी फिल्म का प्रचार करने गए सलमान खान भी वहां मोदी से मिले थे। सलमान खान के पिता और फिल्म लेखक सलीम खान मोदी के बड़े प्रशंसक हैं और उन्होंने अल्पसंख्यकों से मोदी को वोट देने की अपील भी की थी।
सदाबहार अभिनेत्री रेखा के भी दिल्ली आने की संभावना है। वहीं खेल के क्षेत्र से भी कुछ हस्तियां शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकती हैं। मोदी 26 मई की शाम को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि करीब 2500 मेहमान इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
लोकसभा, राज्यसभा के सभी सदस्यों को भी इसमें राष्ट्रपति भवन द्वारा आमंत्रित किया गया है। इनकी संख्या 777 है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और एपीजे अब्दुल कलाम को भी आमंत्रित किया गया है। मनमोहन सिंह भी अपने पूर्व कैबिनेट के कुछ सदस्यों के साथ वहां मौजूद होंगे।
नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन और उनके तीन भाइयों के भी इसमें हिस्सा लेने की संभावना है। नियमों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री अपनी तरफ से 20 मेहमानों को आमंत्रित कर सकते हैं, जबकि मंत्री अपने चार मेहमानों को बुलावा दे सकते हैं।
गुजरात भाजपा के कुछ नेताओं के भी आने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी 1,250 मेहमानों को आमंत्रित करेगी, वहीं दूसरे 1,250 मेहमान राष्ट्रपति द्वारा आमंत्रित होंगे। भाजपा एनडीए शासित प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित करेगी। यह भी पहली बार है कि शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आठ में से सात राष्ट्राध्यक्षों ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। पाकिस्तान के जवाब का इंतजार है।
राजपक्षे को निमंत्रण से नाखुश वाइको
एमडीएमके नेता वाइको ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किए जाने पर नाखुशी जाहिर की।
वाइको ने बैठक के बाद मीडिया से कहा, ”अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने थे, उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंकाई राष्ट्रपति को न्योता नहीं दिया था। उन्हें क्यों आमंत्रित किया जा रहा है?” भाजपा सहयोगी वाइको ने राजपक्षे को ‘तमिलों का कसाई’ करार देते हुए उन पर हजारों तमिल महिलाओं, बच्चों और निहत्थे लोगों की हत्या कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ”राजपक्षे का भारत आना तमिलनाडु के करोड़ाें लोगों व दुनियाभर के तमिलों के लिए दुखद दिन होगा।”
नए प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए 7 रेसकोर्स रोड तैयार
भारतीय प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7 रेस कोर्स रोड में रंगरोगन का काम चल रहा है। नए प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए इसे फूलों से सजा कर नया रूप देने की कोशिश चल रही है। जानकार सूत्रों ने बताया कि भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण करने के बाद जल्द ही यहां रहना शुरू कर देंगे।
अगर वह 26 मई को आते हैं, तो उन्हें बंगला संख्या तीन में रहना होगा, यह उन पांच बंगलों में शामिल है जो 12 एकड़ के परिसर में स्थित है। एक सूत्र ने कहा, ”अगर मोदी तत्काल वहां आना चाहें तो अतिथि गृह उनकी मेजबानी के लिए तैयार है।” सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ”हम मोदी की पसंद के अनुसार सजावट में बदलाव कर देंगे, बाहरी इमारत को नया रूप देने का काम जारी है। सजावट पर फैसला उनकी सलाह पर लिया जाएगा।”
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के परिणाम की घोषणा के बाद नवीनीकरण का काम शुरू कर दिया गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ है। परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाला केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी)के अधिकारियों के अनुसार, सभी बंगले और चाहरदीवारी को सफेद रंग से रंगा जाएगा। बागीचे को नया रूप दिया जा रहा है और फूलदान पर भी रंग चढ़ाया जा रहा है। अतिथिगृह में भी नवीनीकरण किया जा रहा है।
लुटियन दिल्ली के बीचोबीच स्थित और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, दूतावास और उच्चायोग, अशोक व सम्राट होटल से घिरे आवासीय परिसर में पांच बंगले हैं। इनमें से एक बंगला प्रधानमंत्री को सुरक्षा मुहैया कराने वाले विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी), दूसरा अतिथि गृह तथा तीसरा प्रधानमंत्री की आधिकारिक बैठक के लिए इस्तेमाल होता है। 7 रेसकोर्स रोड में मौजूदा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरुशरण कौर 10 सालों से रह रहे थे।इस खूबसूरत परिसर की सुरक्षा एसपीजी के कमांडो करते हैं, जबकि पुलिस परिसर के बाहर तैनात रहती है।























