नई दिल्ली. भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को मंगलवार को औपचारिक रूप भाजपा व राजग संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद वे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से दोपहर ढाई बजे मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
इसके साथ मोदी को मनोनीत प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया जाएगा। बीती लोकसभा में लालकृष्ण आडवाणी के लिए बनाया गया संसदीय दल का अध्यक्ष का पद इस बार समाप्त किए जाने का आसार है। मोदी लोकसभा में नेता के साथ संसदीय दल के भी नेता होंगे। राज्यसभा में सदन के नेता के रूप में अरुण जेटली को चुना जाएगा।
मोदी को नेता चुनने के लिए संसद के केंद्रीय कक्ष में सुबह साढ़े 11 बजे पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक होगी और उसके बाद राजग के सदस्यों की बैठक होगी। इस दौरान भाजपा के सभी मुख्यमंत्री व राजग में भाजपा के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहेंगे। यह दूसरा मौका होगा जबकि भाजपा संसदीय दल की बैठक ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में होगी। इसके पहले अटल बिहारी को दस अक्टूबर 1999 को संसद के केंद्रीय कक्ष में राजग का नेता चुना गया था। आम तौर पर भाजपा संसदीय दल की बैठक संसदीय सौंध मे होती रही है। चूंकि इस बार पार्टी के अपने सदस्यों की संख्या तीन सौ ( दोनों सदनों) से ज्यादा है और राजग की संख्या साढ़ें तीन सौ से ज्यादा है।
संसदीय दल का अध्यक्ष पद खत्म होने के आसार
मोदी को नेता चुने जाने वाली बैठक की अध्यक्षता भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह करेंगे। गौरतलब है कि बीती लोकसभा में संघ के दखल के बाद जब लोकसभा में लालकृष्ण आडवाणी की जगह सुषमा स्वराज को लोकसभा में विपक्ष की नेता ूबनाई गई, तब आडवाणी के लिए संसदीय दल का अध्यक्ष पद सृजित किया गया था। इसे मात्र एक प्रस्ताव के जरिए किया गया था। इस पद के लिए भाजपा के संविधान में संशोधन न होने से यह व्यवस्था लोकसभा भंग होने के साथ ही समाप्त हो गई है। सूत्रों के अनुसार पार्टी इस व्यवस्था तो आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।























