लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव में विजयी प्रत्याशियों पर हमले की आशंका जताते हुए उनकी, खासकर अतिविशिष्ट प्रत्याशियों की सुरक्षा पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिये हैं.
प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि 16 मई को लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद विजय जुलूस निकालने पर लगाये गये प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाये और परिणाम होने के कम से कम 15 दिन बाद तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में विशेष सतर्कता बरती जाये.
उस्मानी ने आज वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मण्डलो एवं जिलों मे तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया और मतगणना के दौरान और उसके बाद शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जरुरी निर्देश दिये.
मुख्य सचिव ने कहा है कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतगणना स्थल के 100 मीटर के दायरे के भीतर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और बेैरीकेडिग करके अनावश्यक भीड़ न जुटने दी जाये.
मुख्य सचिव ने कहा कि चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद विजयी प्रत्याशियों खासकर अतिविशिष्ट प्रत्याशियों की सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी जाये. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने वाले अतिविशिष्ट उम्मीदवारों में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, जैसे नाम शामिल हैं.
मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी मतगणना स्थलों पर मीडिया सेंटर की स्थापना की जाये और किसी अधिकारी को नियमित प्रेसब्रीफिंग के लिए तैनात किया जाये. यह भी कि ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से समय समय पर मतगणना रुझानों को घोषित किया जाये.
गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार गुप्ता ने सभी जिलाधिकारियों को पुलिस अधिकारियों के साथ मतगणना स्थलों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और मतगणना पूरी हो जाने तक हर हाल में बिजली और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है.























