मंथन. कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मीडिया के एक धड़े की भूमिका पर आज सवाल उठाया और भरपूर पैसा रखने वाली राजनीतिक पार्टियों पर अपने तुच्छ राजनीतिक हितों को लेकर मीडिया हाउसों पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया। ममता ने आज अपने एक फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया के एक बड़े तबके की आगाह करने वाली भूमिका सामने आई है, वह ‘पक्षपातपूर्ण और पूर्वाग्रह’ वाले व्यवहार से ‘स्तब्ध’ हैं।
उन्होंने कहा कि इस बारे में संदेह की तनिक भी गुंजाइश नहीं है कि भरपूर पैसा रखने वाली कुछ बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने मीडिया हाउसों पर नियंत्रण कर रखा है और उन्हें अपने तुच्छ राजनीतिक हितों को पूरा करने में लगा रखा है, जिससे लोकतंत्र की नैतिकता का गला घोंटा जा रहा है और जनता की आवाज दब रही है।
ममता ने अपने पोस्ट में कहा है, मीडिया के एक धड़े का, इलेक्ट्रानिक और प्रिंट के पक्षपातपूर्ण और पूर्वाग्रह वाले व्यवहार ने मुझे स्तब्ध किया है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हमले, तथ्यों से छेड़छाड़, चरित्र हनन और निंदा ने इस तरह से राष्ट्र को कभी सन्न नहीं किया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी चीजों से तभी पार पाया जा सकेगा जब चुनाव सरकारी खर्च पर होंगे, जो तृणमूल की काफी समय से लंबित मांग है। उन्होंने कहा, ये कदम लोकतंत्र के लिए आवश्यक हैं। यदि मौजूदा प्रवृति जारी रहती है तो इस बारे में कोई संदेह नहीं है कि हमारे लोकतंत्र का भविष्य दांव पर है।






















