फैज़ाबाद.मंथन. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग के उस नोटिस का जवान दे दिया है जिसमे चुनाव आयोग ने पार्टी से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान मंच पर भगवन राम की तस्वीर लगाने का कारण पूछा था| भाजपा ने जवाब देते हुए कहा है कि राम किसी धर्म या जाति विशेष से संबंध नहीं रखते हैं बल्कि वह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक हैं।
चुनाव आयोग की नोटिस का जवाब देते हुए भाजपा ने कहा कि इंडोनेशिया और मलेशिया सहित कई मुस्लिम देशों में रामलीला का प्रदर्शन किया जाता है। अपने जवाब से भाजपा ने यह दर्शाने की कोशिश की है कि अगर राम को हिंदुओं के भगवान के तौर पर देखा जाता है तो उन्हें भारतीय मुसलमानों के इमाम के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
इसके लिए भाजपा ने मोहम्मद इकबाल की उन पंक्तियों की मदद ली है जिनमें कहा गया है, ‘है राम के वजूद पर हिंदुस्तान को नाज, अहले नजर समझते हैं उनको इमाम-ए-हिंद।’ पार्टी का यह भी कहना है कि राम, सीता और लक्ष्मण का जिक्र देश के मूल संविधान में है।
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में मोदी की रैली के लिए जो मंच तैयार किया गया था उस पर भगवान श्रीराम और प्रस्तावित राम मंदिर की तस्वीर बनी थी| इस बात को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस ने मोदी की जनसभा के लिए बने मंच पर सख्त ऐतराज जताया था| इसको मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस और विपक्षियो ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी और कहा था कि मोदी ने चुनाव में धार्मिक चिन्ह का प्रयोग किया है।























