
नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी की वाराणसी में रैली और पूजा के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी के विरोध-प्रदर्शनों पर मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि हम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हमने निष्पक्ष चुनाव कराने की कोशिश की। संपत ने कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र का स्तंभ है और चुनाव आयोग को किसी दल का डर नहीं। निष्पक्ष चुनाव का आश्वासन देता हूं।
चुनाव आयोग ने वाराणसी के निवार्चन अधिकारी को हटाने की भारतीय जनता पार्टी की मांग पर तत्काल कोई कार्रवाई करने से आज इनकार किया और कहा कि आयोग किसी पार्टी, व्यक्ति या संस्था से डरे बिना अपना काम कानून के अनुसार बिना भेदभाव और ईमानदारी से करता रहेगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त वी एस संपत ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और पिछले 63 वर्षों से यह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराता आया है, जिसकी पूरी दुनिया में प्रशंसा होती है। राजनीतिक पार्टियों को ऐसे प्रयास नहीं करने चाहिएं, जिससे संवैधानिक संस्था की गरिमा को धकका लगे।
वाराणसी के बेनियाबाग में रैली की इजाजत नहीं मिलने के कारण भाजपा नेताओं के वाराणसी एवं दिल्ली में धरना प्रदर्शन के पश्चात आनन-फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में संपत ने कहा कि आयोग किसी से डरता नहीं है। उन्होंने कहा कि बेनियाबाग की रैली को लेकर आयोग के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है और वाराणसी के निर्वाचन अधिकारी की विश्वसनीयता पर संदेह का कोई कारण नहीं नजर आता है।
संपत ने भाजपा का नाम लिये बिना कहा कि एक पार्टी ने आयोग पर निष्पक्ष ढंग से कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है, जिसे वह सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग संवैधानिक संस्था है, जिसे संविधान ने महत्वपूर्ण अधिकार दिये हैं, जिसके दायरे में वह अपना दायित्व निभाता है।
संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयुक्त एच एस ब्रह्मा और नसीम जैदी भी मौजूद थे। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया कि चुनाव प्रचार अभियान के दौरान वे परिपक्वता का परिचय दें तथा कोई ऐसा बयान न दें, जिससे कोई परेशानी बढ़े। हाल के दिनों में कुछ राष्ट्रीय दलों के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कुछ बयान दिये हैं, जिससे आयोग निराश है।






















