मंथन. वाराणसी. मोदी ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय लंका गेट से बीजेपी कार्यालय तक किया जबरजस्त रोड शो, विपक्षियो ने की कारवाही कि मांग.
इससे पूर्व काशी के बेनियाबाग में सभा की अनुमति नहीं मिलने से आक्रोशित भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के निशाने पर अब सीधे चुनाव आयोग आ गया है। गुरुवार को आजमगढ़, चंदौली और वाराणसी में हुई चार सभाओं में मोदी ने चुनाव आयोग पर ही पक्षपात करने, परेशान करने तक का आरोप लगाया।जिसपर आयोग ने अप्रसन्नता व्यक्त कर आरोपों को बेबुनियाद बता सिरे से खारिज कर दिया ,
मोदी ने कहा कि जब मां-बेटा, बाप-बेटा, बहन मुझे नहीं रोक पाये तो चुनाव आयोग मैदान में आ गया है। लेकिन अब मोदी रुकने वाला नहीं है। चुनाव आयोग कहता है कि मेरी जनसभा से मुझे खतरा है। पूरे देश में मोदी जनसभा करने गया है, कहीं पर कोई खतरा नही हुआ। अब बनारस में मोदी को खतरा होने लगा है।
चुनाव आयोग जितना चाहे गैरकानूनी काम कर ले। रैली करने से रोक ले, मेरी जुबान बंद कर ले लेकिन मोदी रुकने वाला नहीं है। पांच दिन पहले ही चिदंबरम ने कहा कि मोदी को कोई खतरा नहीं है। लेकिन सत्ता के इशारे पर चुनाव आयोग मुझे रोकने का काम कर रहा है। पहले ही कहा था कि अपनी जिम्मेदारी को निभाने में आयोग अच्छा काम नहीं कर रहा है।
आजमगढ़ की दो सभाओं में मोदी ने सपा-बसपा-कांग्रेस को निशाने पर रखा। कहा कि दिल्ली में मां-बेटे की सरकार, यूपी में बाप-बेटे की सरकार चल रही है। इन दोनों की सरकारों में देश बर्बाद हो गया है। वंशवाद, भाई-भतीजावाद, जातिवाद के नाम पर जनता को छलने का काम किया जा रहा है। तीनों दलों में आंतरिक गठबंधन पर सवाल उठाये। मोदी ने कहा कि तीनों लखनऊ में रहते हैं तो कुश्ती करते हैं और दिल्ली पहुंचते ही दोस्ती कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जब मैं गरीबों, दलितों, शोषितों की बातें करता हूं तो मेरे खिलाफ भद्दे शब्दों का प्रयोग करते हैं। देश की किस्मत चाय बेचने वाला बदल सकता है। राहुल गांधी गांवों में गरीब देखने जाते हैं। लेकिन मैं गरीबी में पैदा हुआ हूं, गरीबी जानता हूं। मोदी ने कहा कि नेताजी यहां इज्जत बचाने आये हैं लेकिन उनका भविष्य बचने वाला नहीं है।
वाराणसी के जगतपुर (रोहनियां) में आयोजित जनसभा में मोदी ने पूर्वाचल का विकास न होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शासक नहीं सेवक बनकर काम करूंगा। अपना दल संस्थापक स्व़ सोनेलाल पटेल को याद किया। मोदी ने कहा कि साबरमती को बदला, अब गंगा को बदलूंगा।
उन्होंने वाराणसी और सूरत के व्यावसायिक संबंधों की चर्चा की। बनारस के बुनकरों को आश्वासन दिया कि एक साल के अंदर उनकी स्थिति बेहतर कर दूंगा। इससे पहले मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी कर्नल निजामुद्दीन का पैर छूकर अभिनंदन किया।





















