वाराणसी । नरेंद्र मोदी का कहना हे कि उन्हें अपने ही चुनाव क्षेत्र वाराणसी में प्रचार की अनुमति नहीं मिली जबकि जिला निर्वाचन व रिटर्निग आफिसर ने आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि पांच आवेदनों में से चार पर अनुमति 24 घंटे के अंदर दी गयी केवल सुरक्षा कारणों से एक अनुमति हेतू वैकल्पिक सुझाव दिया गया जो सही हे.
चुनाव आयोग ने नरेंद्र मोदी को वाराणसी में गंगा आरती की मंजूरी दे दी। मोदी को होटल में प्रेस कान्फ्रेंस करने और बीएचयू से पदयात्रा निकालने की भी मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बुधवार रात यहां दी।
जिला प्रशासन ने पहले बेनिया बाग में जनसभा करने, गंगा आरती करने, प्रमुख नागरिकों के साथ बैठक करने और पद यात्रा करने की अनुमति नहीं दी थी, जिसका भाजपा ने कड़ा विरोध किया। देर रात मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मोदी को बीएचयू से पद यात्रा करने और गंगा आरती करने और होटल में प्रेस कांफ्रेंस करने के कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है। उन्हें रोहनिया में सभा की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
इधर प्रशासनिक हलकों में बुधवार शाम को यह मामला छाया रहा। चुनाव आयोग में यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। यहां तक कि यूपी सरकार के नियुक्ति विभाग में भी वाराणसी के डीएम को हटाए जाने की अफवाहों की पुष्टि के लिए देर रात तक फोन आते रहे। भाजपा के विरोध के ऐलान के बाद चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर मामले को समझ और फिर नरेंद्र मोदी को गंगा आरती, पद यात्रा और प्रेस कांफ्रेंस की अनुमति अपने स्तर से प्रदान कर दी।
इससे पहले बुधवार की दोपहर वाराणसी जिला प्रशासन ने नरेंद्र मोदी की बेनियाबाग में अनुमति की मंजूरी सुरक्षा कारणों के चलते नहीं देने का फैसला किया। प्रदेश सरकार ने इसके दो कारण गिनाए। एक तो मैदान की क्षमता का कम होना तो दूसरी यह कि वहां सुरक्षा के वाजिब इंतजाम करना मुश्किल हो रहा था।
वाराणसी में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की बेनियाबाग मैदान में रैली के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। इसे जिला प्रशासन ने देने से इनकार कर दिया है। प्रदेश के डीआईजी ए.सतीश गणेश और विशेष सचिव गृह ने यहां बताया कि नरेंद्र मोदी की रैली के अनुमति से इनकार सुरक्षा कारणों के चलते किया गया है। रैली के लिए बेनियाबाग मैदान ठीक नहीं है। वहां जाने के लिए रास्ते सकरे हैं और घनी आबादी है। किसी आपात स्थिति में वहां राहत कार्य करने में दिक्कतें आ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि वर्ष 1991 में भाजपा के प्रत्याशी रहे श्रीशचंद्र दीक्षित की रैली के दौरान वहां अप्रिय घटना हो गई थी। इसके चलते वहां कानून-व्यवस्था के हालात खराब हो गए थे। श्री गणेश ने कहा कि बेनिया बाग मैदान काफी छोटा भी है। वहां की क्षमता करीब 35 हजार लोगों की है। मोदी की रैली के चलते वहां ज्यादा भीड़ आने की संभावना है और ऐसे में अव्यवस्था की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसीलिए रैली से इनकार कर दिया गया है।-वर्ष 1991 में हो चुकी है गड़बड़ी, संकरी हैं गलियां और मैदान की क्षमता भी कम हे.






















