लखनऊ । समाजवादी पार्टी व बसपा के बीच आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल तेज हो गया है। सपा मुखिया के एक जुमले से बिफरीं बसपा मुखिया ने उन्हें ‘पागलखाने’ भेजने की बात कही तो अब सपा ने उन्हें शब्दों का ‘अनर्थ’ तलाशने वाली नेता बताकर उनके मानसिक संतुलन की जांच कराने की बात कही है।
सपा की ओर से बृहस्पतिवार को जो कहा गया, लोकमर्यादा का ध्यान रखते हुए दैनिक जागरण वह वाक्य प्रकाशित नहीं कर रहा है। तल्खियों की शुरुआत बुधवार को हुई थी, तब मुलायम ने मायावती को झूठा ठहराते हुए कहा था कि समझ में नहीं आता कि वह उन्हें श्रीमती, कुंवारी बेटी या बहन क्या कहें? इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पत्रकार वार्ता बुलाकर पलटवार किया। मुलायम पर मानसिक संतुलन खो बैठने का आरोप लगाते हुए उन्हें आगरा के पागलखाने में भर्ती कराने की बात भी कही।
बृहस्पतिवार को सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव व गायत्री प्रसाद प्रजापति ने बसपा सुप्रीमो पर पलटवार किया। राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बसपा मुखिया का शाब्दिक ज्ञान सीमित है। वे अर्थ में अनर्थ खोजती हैं। मुलायम सिंह लोहिया के विचार नर-नारी की समानता पर बल देने वाले नेता हैं। कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि पहले तो बसपा मुखिया का ही आगरा में इलाज कराया जाना चाहिए। यही बात कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति ने कही। समाजवादी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष लीलावती कुशवाहा ने कहा कि मायावती को अगर श्रीमती शब्द पर ऐतराज है तो फिर वह मेडिकल जांच कराकर उसका प्रमाण पत्र पेश करें।
मुलायम की चुनावी सभा पर रोक की मांग
बसपा ने भारत निर्वाचन आयोग से सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को चुनावी जनसभा करने पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने बृहस्पतिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को तीन पेज का पत्र लिखा है। पत्र के साथ आयोग को मुलायम के बुधवार को फैजाबाद में दिए गए उस भाषण की सीडी भी सौंपी है जिसमें उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिप्पणी की थी।
आयोग के भेजे पत्र में मुलायम पर घोर महिला विरोधी अभद्र, आपत्तिजनक व अगरिमापूर्ण बयानों से सामाजिक तनाव फैलाकर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए बसपा ने उन्हें जनसभा करने से रोकने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने सपा के लोगों द्वारा अनेकों प्रकार के हथकंडों का इस्तेमाल कर चुनाव को प्रभावित करने व केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को प्रताड़ित करने का भी पत्र में उल्लेख करते हुए तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।






















