नई दिल्ली.कोलगेट में पूर्व कोल सचिव पी सी पारख से सीबीआई के ऑफिसरों ने आठ घंटे तक पूछताछ की। मामला हिंडाल्को को गलत तरीके से उड़ीसा में एक कोल ब्लॉक देने से जुड़ा है। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि पारख को पूछताछ के लिए शुक्रवार को भी बुलाया गया है।
सीबीआई हेडक्वॉर्टर में आठ घंटे चली पूछताछ के बाद पारख ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘मुझे कुछ नहीं कहना है। वे मुझसे सवाल पूछने थे और वे कल भी सवाल पूछेंगे।’ क्या वह पूछताछ प्रक्रिया से संतुष्ट हैं? यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह संतुष्ट हैं। उन्होंने अपनी किताब में आरोप लगाया था कि पिछली बार की पूछताछ में इंसपेक्टर लेवल के ऑफिसर्स शामिल थे जिनको पॉलिसी फॉम्युर्लेशन प्रोसेस के बारे में कुछ भी पता नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘सवाल पूछने का मकसद कुछ चीजों को समझना है। मैं कोशिश कर रहा हूं कि उनको चीजें समझ में जा जाएं। वे अपनी सोच पर काम कर रहे हैं। मैं उनके सामने अपना नजरिया रखने की कोशिश कर रहा हूं।’
क्या मौजूदा सीबीआई टीम को कोल ब्लॉक्स के एलोकेशन प्रोसेस के बारे में पता है? यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जांच में इस बारे में डिस्कस किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पारख से एसपी लेवल के ऑफिसर की अगुवाई वाली टीम पूछताछ कर रही है। प्रक्रिया की निगरानी ज्वाइंट डायरेक्टर कर रहे हैं और उनको मामले से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स का एक्सेस दिया गया है।
दिसंबर 2005 में कोल सेक्रेटरी की पोस्ट से रिटायर हुए 69 साल के पारख को सीबीआई की एफआईआर में आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी हिंडाल्को को एक कोल ब्लॉक अलॉट करने में अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई ने पूर्व आईएएस ऑफिसर पारख को गुरुवार की पेशी के लिए नए समन भेजे थे। पारख ने इससे पहले 25 अप्रैल को जांच एजेंसी के सामने पेश होने में असमर्थता जताई थी। जांच एजेंसी ने पिछले साल पारख, बिड़ला और हिंडाल्को के अज्ञात ऑफिसरों और कोल मिनिस्ट्री के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बिड़ला और हिंडाल्को ने ब्लॉक अलॉटमेंट में किसी तरह की अनियमितता होने से इनकार किया है।





















