नई दिल्ली। कांग्रेस के कई नेता संकेत दे चुके हैं कि लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिलने पर पार्टी तीसरे मोर्चे को समर्थन दे सकती है लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इससे इत्तेफाक नहीं रखते।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और एक मंत्री ने कहा है कि राहुल गांधी कई पार्टियों वाली सरकार को समर्थन देने की बजाय विपक्ष में बैठना और संगठन के पुर्ननिर्माण को पसंद करेंगे। कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा,पूर्व में इस तरह के प्रयोग असफल रहे हैं। कई कांग्रेस नेताओं और केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने हाल ही में सुझाव दिया था कि पार्टी ने तीसरे मोर्चे और फेडरल फ्रंट की सरकार को समर्थन देने का विकल्प खुला रखा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व इस तरह के बयानों से खुश नहीं है। गौरतलब है कि खुर्शीद बाद में अपने बयान से पलट गए थे। कांग्रेस के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा,राहुल गांधी ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा में स्पष्ट कर दिया था कि वह चुनाव के बाद ढांचागत बदलावों पर जोर देंगे। राहुल गांधी की प्राथमिकता उन राज्यों में पार्टी के पुर्ननिर्माण पर होगी,जहां कांग्रेस ने क्षेत्रीय ताकतों के चलते अपना आधार खो दिया है। हमें चुनावों के बाद पार्टी के पुर्ननिर्माण की उम्मीद है।




















