नई दिल्ली. सहारा ग्रुप के चीफ सुब्रत रॉय सहारा और दो अन्य डायरेक्टरों की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इन दिनों गर्मी काफी बढ़ गई है और उनके मुवक्किल जेल में स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं, लिहाजा इस मामले में अदालत जल्दी फैसला सुनाए। कोर्ट ने सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी है। इस मामले में सहारा ग्रुप की ओर से पेमेंट के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व किया हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सहारा ग्रुप की ओर से पेश ऐडवोकेट राजीव धवन ने अदालत से कहा कि राजधानी दिल्ली में गर्मी काफी बढ़ गई है। जेल में उनके मुवक्किल की तबीयत ठीक नहीं है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट सहारा ग्रुप की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर जल्दी फैसला सुनाए। सहारा ग्रुप की ओर से सहारा चीफ सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए दिए गए नए प्रस्ताव पर बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व कर लिया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उस रिट पर भी आदेश सुरक्षित कर लिया था, जिसमें सहारा ग्रुप की ओर से सहारा चीफ की हिरासत को अवैध करार देते हुए उन्हें रिहा करने की गुहार लगाई गई है।
सेबी ने सहारा की ओर से दाखिल रिट की मेंटेनेबिलिटी पर सवाल उठाया है और कहा है कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। ऐडवोकेट राजीव धवन ने कहा था कि रिहाई के 4 दिनों के भीतर सहारा ग्रुप 3 हजार करोड़ रुपये कैश का भुगतान करेगा। साथ ही 30 मई तक 2 हजार करोड़ रुपये कैश का भुगतान होगा। इसके अलावा बाकी के 5 हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी 30 जून तक दी जाएगी। इस अंडरटेकिंग के आधार पर सुब्रत को रिहा किया जाए।
इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत पर इंक फेंकने वाले शख्स मनोज शर्मा को अवमानना मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मनोज को अवमानना मामले में नोटिस जारी किया था। बुधवार को मनोज शर्मा पेश हुआ। अदालत ने उससे एक महीने में जवाब दाखिल करने को कहा है। इस दौरान सहारा ग्रुप के ऐडवोकेट की ओर से कहा गया कि जिन लोगों को कोर्ट से समन होता है उन्हें सेफ पैसेज दिया जाना चाहिए। इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि इस तरह की घटनाएं देशभर में हो रही हैं और यह गंभीर मसला है। बहराहाल अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख तय कर दी।





















