लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला के माध्यम से भाजपा को घेरने की कांग्रेसी रणनीति का जवाब राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने वयोवृद्ध कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी से जीत का आशीर्वाद लेकर दिया।
शनिवार को वोट मांगने निकले भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह सुबह करीब दस बजे अचानक एनडी तिवारी के आवास पर पहुंचे और उनके चरण स्पर्श कर लखनऊ संसदीय क्षेत्र से जीत का आशीर्वाद मांगा। भावविभोर हो तिवारी ने राजनाथ को न केवल गले लगाया वरन ‘राजनाथ सिंह तो राजा’ कहते हुए आशीर्वाद भी दिया। दोनों दिग्गजों ने एक दूसरे की प्रशंसा भी की। बंद कक्ष में वार्ता करने के बाद मीडिया से भी रूबरू हुए। तिवारी ने कहा ‘राजनाथ सिंह को पूरा समर्थन है। राजनाथ तो राजा हैं। मन से भी राजा और काम से भी।’ तिवारी से आशीर्वाद मिला तो राजनाथ भी उनकी शान में कसीदे पढ़ने से पीछे नहीं रहे। कहा, ‘मेरे राजनीतिक जीवन में तिवारीजी का आशीर्वाद शुरू से ही रहा है और सदैव रहेगा। जब पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचा, तब तिवारीजी ने कहा था, ‘तुम राज्य का भविष्य हो, मैं यह शब्द कभी नहीं भूला।’
राजनाथ व एनडी तिवारी की इस भेंट के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। लखनऊ में पर्वतीय क्षेत्रवासियों की तादाद अच्छी-खासी है। तिवारी के जरिए पर्वत क्षेत्रवासियों के वोटों को लुभाने की कोशिश की गयी। गत दिनों उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी तिवारी से भेंट कर समर्थन मांग चुके हैं। यहां यह बताना भी जरूरी है कि नैनीताल संसदीय क्षेत्र से टिकट न मिल पाने से एनडी तिवारी कांग्रेस आलाकमान से क्षुब्ध हैं।
उधर, एनडी व राजनाथ की मुलाकात से भाजपा ने कांग्रेस के करुणा शुक्ला कार्ड का जबाव देने की कोशिश की। राजनाथ को घेरने के लिए कांग्रेस की ओर से करुणा शुक्ला को प्रचार में लगाया गया है। कभी भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व यूपी की सहप्रभारी रही करुणा कांग्रेस के टिकट से छत्तीसगढ़ में लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं। करुणा अपने गुस्से का इजहार भाजपा के खिलाफ खुलकर करती हैं। उनके निशाने पर राजनाथ सिंह विशेष रूप से रहते हैं। शनिवार को लखनऊ में कांग्रेस का प्रचार करने पहुंचीं करुणा शुक्ला को भाजपा ने अपने अंदाज से जवाब देने की कोशिश की। इससे पूर्व राजनाथ सिंह कुछ ईसाई धर्मगुरुओं से भी मिले।






















